मंत्रीजी के मुखारबिंद से फिर बही अमृत रस की धारा, इस बार निशाने पर रहे सुमित मिश्रा, महेंद्र हार्डिया और निगम कमिश्नर वर्मा.
इंदौर। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के भाषणों से इन दिनों अजीब सी कुंठा झलक रही है। मंत्रिमंडल में बराबर तवज्जो मिलने के बाद भी उनके इस व्यवहार का कारण भाजपा नेताओं को ही समझ नहीं आ रहा। अभी हाल ही में उन्होंने नगर निगम के कार्यक्रम में महापौर को विधायक बता दिया था। गुरुवार को नगर निगम के पौधारोपण कार्यक्रम में फिर उनके मुखारबिंद से अमृत रस की धारा बही। उन्होंने भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक महेंद्र हार्डिया और निगम कमिश्नर शिवम वर्मा पर अपनी भड़ास निकाली।
गुरुवार को पर्यावरण दिवस पर इंदौर के नेहरू पार्क स्थित सिंदूर वाटिका में नगर निगम द्वारा पौधारोपण का आयोजन किया गया। इस दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बोला कि आज मेरी जिंदगी का सबसे छोटा भाषण है। बहुत सुंदर भाषण दिया है। हमेशा छोटा भाषण देना चाहिए। इसके बाद विजयवर्गीय बोले कि एक पाश्चात्य कहावत है, जो अच्छी नहीं है। विदेशों में इस कहावत की चर्चा होती है। हमारे यहां क्या है कि अच्छा पहने लड़की, अच्छा श्रृंगार करे, खूब अच्छे गहने पहने, सुंदर कपड़े पहने, उसे बहुत अच्छा मानते हैं, लेकिन विदेश में जो कम कपड़े पहनती हैं, उसको अच्छा मानते हैं। ये उनकी सोच है। विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसा कहते हैं कि कम कपड़े पहनने वाली लड़की, जिस तरह सुंदर होती है, उसी तरह कम भाषण देने वाला नेता भी बहुत बढ़िया होता है। ऐसी कहावत है विदेश में। मैं इसका पालन नहीं करता हूं। मैं तो इसको नहीं मानता हूं।
महेंद्र हार्डिया पर भी साधा निशाना
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सुमित मिश्रा, महेंद्र हार्डिया इन सब से कुछ न कुछ सीखता हूं। महेंद्र हार्डिया से भी सीखा। 11 बजे बराबर प्रोग्राम में पहुंच जाएंगे। अगली जगह 12 बजे कार्यक्रम है तो चुपचाप फोन पर बात करते हुए सटक लेंगे और 12 बजे वहां। विजयवर्गीय ने बताया कि एक बार मैं शादी में गया, वहां महेंद्र बाबा के बारे में पूछा तो बताया कि वह 7 बजे ही आ गए। कोई भी नहीं था, टेंट वाले को लिफाफा देकर चले गए। मैंने 3-3 बजे तक शादी अटेंड की, लेकिन सोच लिया है कि 12 बजे तक ही शादी अटेंड करूंगा।
कमिश्रनर पर भी कसा तंज
विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके। सुमित मिश्रा और महेंद्र हार्डिया के बाद उनके निशाने पर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा रहे। मंत्रीजी ने कहा कि कमिश्नर साहब से भी सीखता हूं, मगर पालन नहीं कर पा रहा हूं। फोन करो तो जी सर, यस सर। काम हो या नहीं, पर हां तो कर ही देंगे। मुझसे ये हो नहीं रहा है। मैं भी ये सीखना चाहता हूं कि मैं भी ऐसा करूं। भाई ये काम करना, यस कर देंगे सर। ये सीखने की कोशिश कर रहा हूं। सीख गया तो इनको धन्यवाद दूंगा।