मार्च में बदला मौसम का मिजाज: उत्तर भारत में ठंडी हवाएं और बारिश का दौर, कई कारण एक साथ सक्रिय.
मार्च में बदला मौसम का मिजाज: उत्तर भारत में ठंडी हवाएं और बारिश का दौर, कई कारण एक साथ सक्रिय
मार्च के दूसरे पखवाड़े में उत्तर भारत का मौसम अचानक बदल गया है। जहां महीने की शुरुआत में तेज गर्मी के संकेत मिल रहे थे, वहीं अब बारिश, आंधी और ठंडी हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
मौसम वैज्ञानिक इसे सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि कई प्राकृतिक कारणों के एक साथ सक्रिय होने का नतीजा मान रहे हैं। भारत मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी ऐसी अनिश्चितता बनी रह सकती है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे चला गया है, जिससे मार्च में ही ठंड जैसा अहसास होने लगा है। इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ बताए जा रहे हैं, जो बार-बार उत्तर भारत में प्रवेश कर मौसम को अस्थिर बना रहे हैं।
हालांकि वैज्ञानिक इसे केवल पश्चिमी विक्षोभ तक सीमित नहीं मानते। इसके पीछे जेट स्ट्रीम का दक्षिण की ओर खिसकना भी एक अहम वजह है। आमतौर पर यह हिमालय के ऊपर बहती है, लेकिन इस बार नीचे आने से मौसम प्रणालियां सीधे उत्तर भारत को प्रभावित कर रही हैं।
इसके अलावा भूमध्यसागर क्षेत्र में बढ़ी नमी भी असर डाल रही है। वहां समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण बनने वाले सिस्टम ज्यादा शक्तिशाली हो रहे हैं, जो ईरान और पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंचकर तेज हवा और बारिश को बढ़ा रहे हैं।
इसके साथ ही ला-नीना की कमजोर होती स्थिति भी इस बदलाव में भूमिका निभा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। मार्च के बाकी दिनों में दो और सिस्टम आने की संभावना है, जिससे हल्की बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। अप्रैल की शुरुआत में भी यह प्रभाव बना रह सकता है, जिससे फिलहाल भीषण गर्मी और लू की स्थिति नियंत्रित रह सकती है।