अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति देने के लिए दरों को घटाए RBI; पीयूष गोयल.
अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति देने के लिए दरों को घटाए RBI; पीयूष गोयल
देश में बढ़ती महंगाई को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसमें उन्होंने कहा कि विकास को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दरों में कटौती का विकल्प चुनने के लिए खाद्य महंगाई पर विचार करना गलत सिद्धांत है। जिससे महंगाई दिसंबर में कम हो सकती है।

एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी से खुदरा महंगाई के प्रबंधन का कोई लेना-देना नही है। अब समय आ गया है, जब नीति निर्माता और मौद्रिक नीति समिति एक साथ तय करें कि क्या खाद्य पदार्थों के दाम को खुदरा महंगाई की गणना करने में शामिल किया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से चर्चा हो। अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है।
अर्थव्यवस्था में वृद्धि को गति देने के लिए दरों को घटाए RBI; पीयूष गोयल
देश में बढ़ती महंगाई को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई के सामने कुछ मांगे रखी है। जिसमें उन्होंने कहा कि विकास को रफ्तार देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई को ब्याज दरों में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दरों में कटौती का विकल्प चुनने के लिए खाद्य महंगाई पर विचार करना गलत सिद्धांत है। जिससे महंगाई दिसंबर में कम हो सकती है।
एक कार्यक्रम में गोयल ने कहा, खाद्य पदार्थों के दाम में तेजी से खुदरा महंगाई के प्रबंधन का कोई लेना-देना नही है। अब समय आ गया है, जब नीति निर्माता और मौद्रिक नीति समिति एक साथ तय करें कि क्या खाद्य पदार्थों के दाम को खुदरा महंगाई की गणना करने में शामिल किया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि इस पर गंभीरता से चर्चा हो। अर्थव्यवस्था को रफ्तार की जरूरत है।