मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेज के लिए एक रुपए में 25 एकड़ जमीन, गायों का आहार अनुदान अब 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए हुआ.
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब प्रति गाय हर दिन 40 रुपए का आहार अनुदान मिलेगा। पहले यह राशि 20 रुपए थी। यह फैसला मंगलवार को भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। एक अप्रैल से ही बढ़ा हुआ अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सरकार अब एक रुपए में 25 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पांच हजार गायों की क्षमता की बृहद गौशालाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए पीपीपी मोड में गौशाला निर्माण के लिए लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम बदलकर डॉक्टर आंबेडकर पशुपालन योजना रखा गया है। डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना 14 अप्रैल को लांच किया जाएगा।
पार्वती काली सिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना के तहत दाब युक्त माइक्रो इरिगेशन की प्रशासनिक स्वीकृत दी गई है। यह एक बड़ी परियोजना है, इससे 60,000 हेक्टेयर में सिंचाई होगी, जिसके लिए 2932 करोड़ की मंजूरी कैबिनेट ने दी है। इससे मल्हारगढ़ और मंदसौर को सिंचाई के लिए फायदा मिलेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एमओयू
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एड सील इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू हुआ है। इससे बच्चों में पढ़ाई की स्किल बढ़ाने, क्षमता बढ़ाने और रोजगार प्रशिक्षण देने को लेकर निर्णय लिया गया है। राज्य की विद्युत कंपनियों के लिए कर सेल पूंजी नकद ऋण की सुविधा हेतु सरकारी गारंटी दी जाएंगी। इसका कैश फ्लो बना रहे, इसके लिए हमारी सरकार समय-समय पर इन कंपनियों को गारंटी देती है। तीनों विद्युत वितरण कंपनियां के लिए वर्ष 2024-25 से 28-29 तक प्रतिवर्ष राशि 12,466 करोड़ रुपये की नकद साख सुविधा, कार्यशील पूंजी ऋण हेतु शासकीय प्रत्याभूति तक प्रदान की जाएगी। इसमें प्रस्तावित गारंटी पर मात्र 0.5 प्रतिशत की दर से प्रत्याभूति होगा।
मेडिकल कॉलेज के लिए एक रुपए में 25 एकड़ जमीन
मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में खोलने के लिए पिछले निर्णय में संशोधन किया गया है। पिछले प्रावधानों में निवेशकों को खुद जमीन बताना था, लेकिन अब सरकार संशोधन के तहत सरकार इनको सरकारी जमीन उपलब्ध कराएंगी। यह जमीन एक रुपये में 25 एकड़ के हिसाब से लीज पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए दी जाएगी। पहले यह प्रावधान नहीं था, निवेशकों को खुद ही जमीन देखनी पड़ती थी। जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर्स को ट्रांसफर करने में बदलाव किया गया है। अब हमारे जिला अस्पताल वैसे ही रहेंगे यानी सरकारी नियंत्रण में रहेंगे। अब केवल निजी मेडिकल कॉलेज को अन डेवलपर को जिला अस्पताल से संबंध किया जाएगा।