आस्था और नव ऊर्जा का पर्व: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पर देशभर में उत्साह.
आस्था और नव ऊर्जा का पर्व: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत पर देशभर में उत्साह
आज शुक्ल प्रतिपदा तिथि के साथ चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। इस दिन कलश स्थापना के साथ नौ दिनों तक चलने वाला धार्मिक अनुष्ठान आरंभ होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मिट्टी का कलश पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है। इसमें भरा जल और उसमें उपस्थित वायु जीवन के आधार माने जाते हैं, वहीं पास में जलाया गया दीपक अग्नि तत्व का प्रतीक होता है। इस प्रकार कलश स्थापना के माध्यम से ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा का आह्वान किया जाता है, जिसे सृष्टि की उत्पत्ति का प्रतीक भी माना जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप देवी शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। उनकी कृपा से जीवन में संयम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है उन्होंने सभी के जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की।

वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और साजिबु चेरोबा जैसे विभिन्न नववर्ष पर्वों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये उत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और एकता के प्रतीक हैं।