कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था की वरीयता सूची की जांच शुरू, सहकारिता मंत्री के आदेश के बाद संयुक्त आयुक्त ने दिए निर्देश.
इंदौर। कर्मचारीगण गृह निर्माण संस्था की वरीयता सूची का विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने पर अब मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग के पास शिकायत पहुंची है। सहकारिता मंत्री ने आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक को जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता मध्यप्रदेश ने संयुक्त आयुक्त सहकारिता इंदौर संभाग को पत्र भेजकर चांच के निर्देश दिए हैं।
सहकारिता मंत्री विश्वास सांरग ने आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बालेश चौरसिया, निवासी शीतलामाता बाजार, इन्दौर से प्राप्त आवेदन सहपत्रों सहित संलग्न है। इसमें कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था इन्दौर द्वारा सहकारी अधिनियम के प्रावधानों एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश के दिशा-निर्देशो के विपरीत वरिष्ठ सदस्यों की वरीयता का उल्लंघन किए जाने का विस्तार से खुलासा किया गया है। मंत्री ने लिखा है कि आवेदन में उल्लेखित बिन्दुओं की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण की जांच मुख्यालय के किसी अधिकारी से कराएं तथा तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
प्रशासक ने ही जमा करा ली राशि
संस्था के सदस्य बालेश चौरसिया ने तथ्यों सहित सहकारिता मंत्री सारंग को शिकायत भेजी है। इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ सदस्यो को वरीयता सूची में सम्मिलित न कर, अवैधानिक रूप से सूची तैयार कर भेज दिया गया है। इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। चौरसिया ने लिखा है कि यह जांच का विषय है। चौरसिया ने लिखा है संस्था में संचालक मंडल कार्यरत नहीं था। प्रशासक द्वारा भूखण्ड राशि एवं विकास की राशि हेतु सूचना पत्र जारी कर राशि प्राप्त की गई। उसी आधार पर जमा दर्शाकर वरीयता का निर्धारण किया गया जो कि पूर्णतः अनुचित है। प्रशासक को राशि प्राप्त करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।
नियमों की अवहेलना कर आईडीए को भेज दी सूची
चौरसिया ने लिखा है कि आवेदन में वर्णित तथ्यों की जांच वैधानिक रूप से करना आवश्यक है। संस्था में संचालक मण्डल, प्रशासक, अंकेक्षण अधिकारी, उपायुक्त द्वारा संस्था में गंभीर अनियमितता होने के बाद भी वरीयता सूची बनाने में गड़बड़ी की गई है। शिकायत में कहा गया है कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का उल्लंघन कर उपायुक्त एवं संयुक्त आयुक्त पुनः प्राधिकरण को सूची प्रेषित करने जा रहे हैं। इसलिए आवेदन में वर्णित तथ्यो की जांच जब तक पूर्ण नहीं हो जाती तब तक वरीयता सूची का निर्धारण न किया जाए।
संयुक्त आयुक्त ने जांच के दिए निर्देश
सहकारिता मंत्री के पत्र के बाद संयुक्त आयुक्त सहकारिता मध्यप्रदेश ने संयुक्त आयुक्त सहकारित, इंदौर संभाग को जांच के आदेश दिए हैं। इसमें सहकारिता मंत्री के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि बालेश चौरसिया की शिकायत पर मंत्री द्वारा अविलंब कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए निर्देशित किया जाता है कि शिकायत आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जायसवाल और मीणा ने जमाया खेल
कर्मचारीगण गृह निर्माण सहकारी संस्था में वरीयता सूची को लेकर लंबे समय से फर्जीवाड़ा चल रहा है। उपायुक्त मनोज जायसवाल ने सारी जांचों को छुपा कर वरीयता सूची फाइनल कर आईडीए को भेज दी थी। अब इस खेल में इंदौर विकास प्राधिकरण के विधि एवं भू अर्जन अधिकारी सुदीप मीणा भी शामिल हो गए हैं। सुदीप मीणा ने मनोज जायसवाल की विवादित वरीयता सूची को ही सही करार देते हुए डिमांड निकालकर सहकारिता विभाग को भेज दी।