मानहानि केस केस में भिवंडी कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी; भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडा दिखाकर की नारेबाजी.
मुंबई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत में मानहानि मामले में पेश हुए। अदालत ने उनसे नया जमानतदार पेश करने को कहा था, क्योंकि उनके पूर्व जमानतदार और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का पिछले साल दिसंबर में निधन हो गया था। बताया जाता है कि इस दौरान भाजपा कार्यकर्तां ने रास्ते में उन्हें काले झंडे दिखाए और जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया, जिसके बाद पेशी की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज आरएसएस से जुड़े मानहानि मामले में महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित अदालत में पेश हुए। तय समय पर उनका काफिला भिवंडी कोर्ट परिसर पहुंचा, जहां पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अदालत के निर्देशों के अनुसार राहुल गांधी के साथ केवल उनके कुछ वकीलों को ही कोर्ट रूम के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई, जबकि अन्य लोगों को बाहर ही रोक दिया गया। यह मामला आरएसएस से जुड़ी कथित टिप्पणियों को लेकर दायर मानहानि याचिका से संबंधित है। सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की पैनी नजर बनी रही।
राहुल गांधी इस मामले में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को नए जमानतदार के रूप में पेश कर रहे हैं। उनके वकील नारायण अय्यर के अनुसार, मजिस्ट्रेट ने औपचारिकताएं पूरी करने के लिए गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। अय्यर ने कहा कि मामला तेजी से आगे बढ़ रहा है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार देशभर में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा किया जा रहा है। वकील ने यह भी कहा कि बचाव पक्ष उचित समय पर अपने गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश करेगा। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है और इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद है।
यह मामला आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान सोनाले गांव की एक रैली में आरएसएस को महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ने वाला बयान दिया था, जिससे संगठन की छवि धूमिल हुई। कुंटे ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में कुंटे की जिरह और पुनः पूछताछ पूरी हो चुकी है। नई जमानतदार की आवश्यकता के चलते सुनवाई 20 दिसंबर 2025 से टलकर पहले 17 जनवरी और फिर 21 फरवरी तक स्थगित की गई।