इस बार यशवंत क्लब चुनाव में अध्यक्ष और सचिव पद के लिए तीन-तीन दावेदार, अब टीम बनाने की तैयारी में जुटे सदस्य .
इंदौर। यशवंत क्लब के चुनाव के लिए मैदान सज चुका है। क्लब के संविधान के अनुसार इस बार वर्तमान अध्यक्ष टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन उन्होंने अपनी टीम तैयार कर ली है। दूसरी तरफ पम्मी छाबड़ा की टीम भी तैयार है और एक तीसरी टीम भी इस बार मैदान में नजर आने वाली है।
बताया जाता है कि टोनी सचदेवा और संजय गोरानी ने इस बार अध्यक्ष पद के लिए जीतू जैन और सचिव पद के लिए विजय कस्तूरी को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है। दूसरी तरफ पूर्व अध्यक्ष पम्मी छाबड़ा ने अपने साथ सचिव पद के लिए संतोष मिश्रा को लगभग राजी कर लिया है। एक तीसरी टीम के रूप में अध्यक्ष पद के लिए अजय बागड़िया और सचिव के लिए अतुल शेठ ने अभी से मैदान संभाल लिया है। बताया जाता है कि उन्होंने कैंपेनिंग भी शुरू कर दिया है।
अब टीमें बनाने में जुटे अध्यक्ष पद के दावेदार
अध्यक्ष और सचिव पद की स्थिति लगभग क्लियर है। अब अध्यक्ष पद के दावेदार अपनी पैनल बनाने की तैयारी में जुटे हैं। अब देखना यह है कि कौन मजबूत पैनल बना पाता है। इसके लिए मान-मनौव्वल से लेकर शाम-दाम-दंड-भेद की नीति भी चल रही है। जाहिर है जिसने मजबूत टीम बना ली, उसकी जीत लगभग तय हो जाती है।
अभी वॉट्सएप पर चल रहा मैसेज वार
पिछले कुछ समय से यशवंत क्लब चुनाव को लेकर वॉट्सएप पर मैसेज वार चल रहा है। पूर्व अध्यक्ष पम्मी छाबड़ा और वर्तमान सचिव संजय गोरानी के बीच मैसेज के माध्यम से चले आरोप-प्रत्यारोपों ने चुनाव का माहौल गर्मा दिया है। यशवंत क्लब के संविधान के अनुसार दो बार लगातार पद पर रहा सदस्य एक ब्रेक के बाद ही चुनाव लड़ सकता है। चूंकि अध्यक्ष टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी लगातार दो बार पद पर रह चुके हैं, इसलिए वे चुनाव नहीं लड़ सकते। इसके लिए संविधान संशोधनों की चर्चा के बीच पूर्व अध्यक्ष पम्मी छाबड़ा ने उनके खिलाफ मैदान संभाल रखा है। पम्मी छाबड़ा तीसरे कार्यकाल में पात्रता का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने अध्यक्ष,सभापति और सभी सदस्यों को एक पत्र लिखकर संविधान का हवाला देकर यह मामला उठाया था। संजय गोरानी की तरफ से इसका जवाब भी दिया गया था। आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और बढ़ने वाला है।