विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर किया प्रदर्शन, सदन में उठा इंदौर के भागीरथपुरा के गंदे पानी का मामला.
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार का बजट आम लोगों के लिए निराशाजनक है और यह केवल ख्याली पुलाव है। सदन में आज इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों का मामला भी उठा।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने भागीरथपुरा मामले पर स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा। प्रश्न पूछने से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जो विषय न्यायालय और आयोग में लंबित हैं, उन पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। उमंग सिंगार के प्रश्न पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जवाब देते हुए बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि 35 से अधिक मौतें हुई हैं और मुआवजा राशि भी कम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एक आईएएस अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख के बजाय 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
सिंघार ने की नैतिकता के आधार पर मांगा इस्तीफा
उमंग सिंगार ने सवाल उठाया कि क्या संबंधित मंत्री और महापौर को मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। इस पर मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यदि नैतिकता की बात हो रही है तो यूनियन कार्बाइड जैसे मामलों में नैतिकता कहां थी। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इसी मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। सदन में इस मुद्दे पर तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने मर्यादा में रहकर जवाब दिया है। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
भाजपा विधायक ने उठाया स्कूल भवनों का मामला
भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने स्कूलों की टूटी छतों के फोटो दिखाते हुए बाउंड्रीवाल और मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सिवनी विधानसभा क्षेत्र में 44 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, जबकि 5 नए विद्यालय भवन स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में करीब 1800 स्कूल भवनों को जर्जर चिह्नित किया गया है। अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए विभाग ने 1200 करोड़ रुपये की राशि जारी की है।
कमलनाथ ने बजट को बताया अज्ञानी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया के साथ बातचीत में बजट को लेकर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी नहीं अज्ञानी है। प्रदेश सरकार पर पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही करीब 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लिया गया, जिसका ब्याज चुकाने में ही सरकार को हर साल 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।