इंदौर एयरपोर्ट के आधे-अधूरे टर्मिनल का उद्घाटन रविवार को, जब सुविधाएं तैयार नहीं तो इतनी जल्दी क्यों, लेट तो हो ही चुका, थोड़ा और कर लेते.
इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल को नया रूप देने का काम लंबे समय से चल रहा है। अभी भी काम बाकी है। पार्किंग से लेकर अन्य सुविधाओं के बिना ही इसका 24 मार्च को उद्घाटन होना था, जो किसी कारण से टल गया। अब रविवार 29 मार्च को इसके वर्चुअल उद्घाटन की तैयारी है।
उल्लेखनीय है कि जब ज्योतिरादित्य सिंधिया नागरिक उड्यन मंत्री थे, तब इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। वे अपने कार्यकाल में इसका काम पूरा नहीं करा पाए और दूसरे विभाग में चले गए। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से इस टर्मिनल को तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 400 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, 14 चेक-इन काउंटर, आगमन और प्रस्थान क्षेत्र में आरक्षित लाउंज तथा दिव्यांगजनों के लिए विशेष चेक-इन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही बड़ी पार्किंग भी बनाई जा रही है। यात्रियों की सुरक्षा और समय की बचत के लिए टर्मिनल में तीन एक्स-रे मशीनें लगाई गई हैं, जिससे चेकिंग प्रक्रिया तेज होगी।
अधिकांश काम अधूरे, फिर भी उद्घाटन
इस टर्मिनल का अधिकांश काम अभी अधूरा है, लेकिन फिर भी 24 मार्च को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू इसका वर्चुअली उद्धाटन करेंगे। इस टर्मिनल पर अभी पार्किंग आदि सहित काफी सिविल वर्क ही बाकी है। इसके साथ ही तकनीकी सुविधाएं भी पूरी नहीं हुई हैं। न रेस्टोरेंट है और न ही स्नैक्स काउंटर, फिर यात्रियों को यहां कैसे शिफ्ट किया जाएगा।
सफाई आदि का भी टेंडर नहीं
एयरपोर्ट से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस टर्मिनल के लिए न तो सफाई का टेंडर हुआ है और न ही पार्किंग का। ऐसे में इसका उद्घाटन करना यात्रियों को परेशानी में ही डालना होगा। इसका मतलब साफ है कि अधिकारी और नेता सिर्फ इसके उद्घाटन की औपचारिकता पूरी करना चाहते हैं।
इंदौर से नवी मुंबई भाग रही इंडिगो
सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों की रुचि नहीं होने के कारण रनवे का काम भी लेट हो रहा है। पहले जो कंपनी रनवे का काम कर रही थी, उसने देरी की। फिर उसे नोटिस दिया गया अब दूसरी कंपनी काम कर रही है। इससे परेशान होकर इंडिगो अब नवी मुंबई को अपने बेस बना रही है। सूत्र बताते हैं कि अगले महीने से इंडिगो इंदौर से बेस फ्लाइट बंद करने जा रही है। करीब आठ फ्लाइट इस एयरपोर्ट से कम भी होने जा रही है।
जाने की तैयारी में नए डायरेक्टर
सूत्र बताते हैं कि कुछ ही महीने पहले आए एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार की भी इंदौर में ज्यादा रुचि नहीं है। वे यहां से जाने की तैयारी कर रहे हैं। एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि यहां के काम में देरी की वजह अधिकारियों की अरुचि भी है। इसके कारण ही यहां के अधिकांश काम अधूरे हैं और नई सुविधाएं भी नहीं जुटाई जा रहीं।
अब तक शुरू नहीं हुआ उड़ान यात्री कैफे
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान यात्री कैफे पहल के तहत प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुविधाएं शुरू की हैं। इसका उद्देश्य महंगे खानपान के बीच यात्रियों को 10 रुपये में चाय और 20-50 रुपये में नाश्ता उपलब्ध कराना है। इसके लिए इंदौर एयरपोर्ट पर छह माह पहले ही स्टॉल बनकर तैयार है, लेकिन अधिकारियों की अरुचि के कारण शुरू नहीं हो पाया।