सीएम को एयरपोर्ट पर जन्मदिन की बधाई दे आए नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, बाहर खड़े रह गए सिलावट, शुक्ला और चावड़ा.
इंदौर। बुधवार 25 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का जन्मदिन है। सीएम शाम को इंदौर आकर हेलिकॉप्टर द्वारा उज्जैन रवाना हुए। इस दौरान एक रोचक राजनीतिक घटनक्रम घटित हुआ, जिसकी चर्चा भाजपा में जोरों पर है। कहा जा रहा है कि इस बार नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने सभी नेताओं के साथ दांव कर दिया है।
बताया जाता है कि सीएम यादव को उज्जैन में किसी कार्यक्रम में शामिल होना था, जिसके लिए वे पहले ही लेट हो चुके थे। चूंकि साढ़े छह बजने वाले थे और हेलिकॉप्टर के उड़ने की समस्या भी थी, इसीलिए जब वे इंदौर आए तो हवाई पट्टी से ही उज्जैन रवाना हो गए। सुमित मिश्रा को यह जानकारी लग गई थी कि सीएम हवाई पट्टी से ही रवाना हो जाएंगे। इसके बाद सुमित मिश्रा भाजपा इंदौर के संभागीय प्रभारी रणवीर सिंह रावत के साथ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां हवाई पट्टी पर ही सीएम को गुलदस्ता देकर जन्मदिन की बधाई दे दी।
कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने भी किया स्वागत
सीएम का स्वागत करने एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे थे। कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल आदि ने भी सीएम यादव को गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। सभी अधिकारियों ने सीएम को जन्मदिन की बधाई दी।
बाहर खड़े रह गए सिलावट, शुक्ला और चावड़ा
सीएम का स्वागत करने और जन्मदिन की बधाई देने के लिए मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण चावड़ा भी पहुंचे, लेकिन वे अंदर नहीं जा पाए। वे बाहर ही सीआईएसएफ के जवानों से बहस करते रहे, लेकिन उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया।
गोलू शुक्ला तो उज्जैन चले गए
इसके बाद गोलू शुक्ला एयरपोर्ट से ही सीएम को बधाई देने के लिए उज्जैन रवाना हो गए। मंत्री सिलावट चूंकि आज सुबह ही भोपाल में सीएम को जन्मदिन की बधाई दे चुके थे, इसलिए वे एयरपोर्ट से लौट आए। सिलावट के अलावा विधायक रमेश मेंदोला, सावन सोनकर, सुदर्शन गुप्ता और खुद नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी भोपाल में सीएम को बधाई देकर आए थे।
सिलावट तो ठीक, गोलू के साथ भी खेल
सीएम को बधाई देने पहुंचे नेताओं को एयरपोर्ट से निराश वापस आना पड़ा। इसके बाद कई नेताओं ने नगर अध्यक्ष को लेकर नाराजगी व्यक्त की। इनका कहना है कि जब नगर अध्यक्ष को पता था कि वे एयरपोर्ट से बाहर नहीं आएंगे, तो सबको अंदर बुलवाना था। नेताओं का यह भी कहना है कि कम से कम सिलावट और गोलू शुक्ला को तो अंदर बुलवा लेते। भाजपा नेता ही कह रहे हैं कि सिलावट का तो समझ आ रहा है, लेकिन सुमित मिश्रा ने अपने भाई समान खास मित्र गोलू शुक्ला के साथ भी दांव कर दिया।