एससीओ का पहला लक्ष्य आतंकवाद,अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है ;जयशंकर .
एससीओ का पहला लक्ष्य आतंकवाद,अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है ;जयशंकर
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान में हो रहे एससीओ शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन को संबोधित करते हुए कहा कि एससीओ को इस समय दुनिया में चल रही तमाम उथल-पुथल के बीच आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम होना चाहिए.एससीओ का पहला लक्ष्य आतंकवाद,अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है और मौजूदा परिस्थितियों में यह और भी ज्यादा अहम हो जाता है.

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, हमें ईमानदार बातचीत और एससीओ चार्टर को लेकर प्रतिबद्ध होने की जरूरत है. वैश्वीकरण और संतुलन बनाने की भी अपनी समस्याएं हैं लेकिन एससीओ देशों को इससे आगे सोचने की जरूरत है.
उन्होंने कहा, देशों के बीच सहयोग आपसी सम्मान,संप्रभुता और समानता पर आधारित होना चाहिए, ना कि एकतरफा एजेंडे पर.

जयशंकर ने कहा, एससीओ के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए हम आपसी हितों को ध्यान में रखें और चार्टर के नियमों का पालन करें. एससीओ बदलाव से गुजर रहे देशों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसपर ज्यादातर दुनिया का भरोसा टिका हुआ है. हमें उस जिम्मेदारी को निभाना है.
एससीओ का पहला लक्ष्य आतंकवाद,अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है ;जयशंकर
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान में हो रहे एससीओ शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन को संबोधित करते हुए कहा कि एससीओ को इस समय दुनिया में चल रही तमाम उथल-पुथल के बीच आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम होना चाहिए.एससीओ का पहला लक्ष्य आतंकवाद,अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करना है और मौजूदा परिस्थितियों में यह और भी ज्यादा अहम हो जाता है.
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, हमें ईमानदार बातचीत और एससीओ चार्टर को लेकर प्रतिबद्ध होने की जरूरत है. वैश्वीकरण और संतुलन बनाने की भी अपनी समस्याएं हैं लेकिन एससीओ देशों को इससे आगे सोचने की जरूरत है.
उन्होंने कहा, देशों के बीच सहयोग आपसी सम्मान,संप्रभुता और समानता पर आधारित होना चाहिए, ना कि एकतरफा एजेंडे पर.
जयशंकर ने कहा, एससीओ के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए हम आपसी हितों को ध्यान में रखें और चार्टर के नियमों का पालन करें. एससीओ बदलाव से गुजर रहे देशों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसपर ज्यादातर दुनिया का भरोसा टिका हुआ है. हमें उस जिम्मेदारी को निभाना है.