भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की गूंज: यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने की खुलकर सराहना.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि विश्व और संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में भारत का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता जा रहा है। उनके अनुसार, आज वैश्विक मंच पर भारत जैसे उभरते देशों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है और यह एक सकारात्मक व ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।
गुटेरेस ने कहा कि भारत अब संयुक्त राष्ट्र की लगभग हर प्रमुख चर्चा में एक प्रभावशाली नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। शांति और सुरक्षा, सतत विकास तथा मानवाधिकार जैसे अहम मुद्दों पर भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक स्तर पर सराही जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान लिए गए निर्णयों की प्रशंसा की और इसे वैश्विक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां दुनिया के कई हिस्सों में लोकतंत्र कमजोर पड़ रहा है, वहीं भारत एक मजबूत और जीवंत लोकतंत्र के रूप में खड़ा है।
यूएन शांति मिशनों में भारत की अहम भूमिका
यूएन प्रमुख ने भारत को धन्यवाद देते हुए बताया कि वर्तमान में लगभग 5,000 भारतीय सैनिक और पुलिसकर्मी यूएन शांति अभियानों में तैनात हैं। भारत का योगदान दशकों से शांति स्थापना में महत्वपूर्ण रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से 2007 में लाइबेरिया में भेजी गई भारत की पूर्ण महिला पुलिस यूनिट का उल्लेख किया, जिसे यूएन इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाता है। यह कदम लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ।
बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था: उभरते भारत का प्रभाव
गुटेरेस ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में आ रहे बड़े बदलाव की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि जी7 जैसे विकसित देशों का वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सा धीरे-धीे घट रहा है, जबकि भारत जैसे उभरते देशों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है।
उनका मानना है कि यह बदलाव भविष्य में अधिक न्यायपूर्ण, संतुलित और शांतिपूर्ण विश्व व्यवस्था की संभावना को मजबूत करेगा।
सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत
यूएन महासचिव ने स्पष्ट कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मौजूदा ढांचा पुराना और आंशिक रूप से असमान है। बदलती वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप इसमें सुधार आवश्यक है, ताकि विकासशील और उभरते देशों को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
हालांकि उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यूएन केवल सुरक्षा परिषद तक सीमित नहीं है—193 सदस्य देशों वाली महासभा में सभी देशों की आवाज बराबर है।
भारत दौरे पर आएंगे गुटेरेस
एंटोनियो गुटेरेस जल्द ही भारत दौरे पर आएंगे और इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
उनका कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के अहम विषयों पर केंद्रित रहेगा। गुटेरेस ने भारत को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की भूमिका और भी निर्णायक होगी।