लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत और सिंधु समझौते पर बड़ा बयान.
लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत और सिंधु समझौते पर बड़ा बयान
ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उन्हें लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सलामी देने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की, जिससे पूरा देश आक्रोशित था।
उन्होंने कहा—
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“हमने सेना को खुली छूट दी और हमारे सैनिकों ने सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया।”
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“पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं।”
नया नॉर्मल: आतंक और परमाणु धमकियों के खिलाफ सख्ती
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत ने नया नॉर्मल तय किया है—
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आतंक और उसे पालने वालों को समान दुश्मन माना जाएगा।
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परमाणु धमकियों और ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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आगे से सेना अपनी शर्तों पर कार्रवाई करेगी।
सिंधु समझौते पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री ने कहा—
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“भारत का खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा।”
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सिंधु समझौते को अन्यायपूर्ण और एकतरफा बताते हुए कहा कि भारत के हक का पानी सिर्फ भारत के किसानों का है।
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“देशहित और किसान हित में मौजूदा स्वरूप में यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।”
आज़ादी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वालों को नमन किया और कहा कि गुलामी ने देश को निर्धन और निर्भर बना दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा—
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“आत्मनिर्भरता सिर्फ आयात-निर्यात या डॉलर-पैसे तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे सामर्थ्य से जुड़ी है।”
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“आत्मनिर्भर रहना हमारी ताकत को बनाए रखने के लिए जरूरी है।”
ऑपरेशन सिंदूर में आत्मनिर्भर भारत की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत आत्मनिर्भर न होता तो ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई संभव नहीं होती।
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मेक इन इंडिया के कारण सेना को बिना बाहरी निर्भरता के सफलता मिली।
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बीते 10 वर्षों से मेक इन इंडिया को मिशन की तरह आगे बढ़ाया गया है।
तकनीक और सेमीकंडक्टर मिशन
पीएम मोदी ने तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए कहा—
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“21वीं सदी तकनीक की सदी है, और जो देश इसमें आगे बढ़े, वही शिखर पर पहुंचे।”
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उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर के विचार पर 50-60 साल पहले काम शुरू हुआ था, लेकिन वह अधूरा रह गया।
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वर्तमान में भारत मिशन मोड में काम कर रहा है और छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रखी जा चुकी है।
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इस वर्ष के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा भी प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर अपनी बात कही
लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत और सिंधु समझौते पर बड़ा बयान
ऑपरेशन सिंदूर के वीरों को सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज उन्हें लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को सलामी देने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों की हत्या की, जिससे पूरा देश आक्रोशित था।
उन्होंने कहा—
“हमने सेना को खुली छूट दी और हमारे सैनिकों ने सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती में घुसकर आतंकियों को नेस्तनाबूद किया।”
“पाकिस्तान में हुई तबाही इतनी बड़ी है कि रोज नए खुलासे हो रहे हैं।”
नया नॉर्मल: आतंक और परमाणु धमकियों के खिलाफ सख्ती
पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत ने नया नॉर्मल तय किया है—
आतंक और उसे पालने वालों को समान दुश्मन माना जाएगा।
परमाणु धमकियों और ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे से सेना अपनी शर्तों पर कार्रवाई करेगी।
सिंधु समझौते पर कड़ा रुख
प्रधानमंत्री ने कहा—
“भारत का खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा।”
सिंधु समझौते को अन्यायपूर्ण और एकतरफा बताते हुए कहा कि भारत के हक का पानी सिर्फ भारत के किसानों का है।
“देशहित और किसान हित में मौजूदा स्वरूप में यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।”
आज़ादी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वालों को नमन किया और कहा कि गुलामी ने देश को निर्धन और निर्भर बना दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा—
“आत्मनिर्भरता सिर्फ आयात-निर्यात या डॉलर-पैसे तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे सामर्थ्य से जुड़ी है।”
“आत्मनिर्भर रहना हमारी ताकत को बनाए रखने के लिए जरूरी है।”
ऑपरेशन सिंदूर में आत्मनिर्भर भारत की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत आत्मनिर्भर न होता तो ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई संभव नहीं होती।
मेक इन इंडिया के कारण सेना को बिना बाहरी निर्भरता के सफलता मिली।
बीते 10 वर्षों से मेक इन इंडिया को मिशन की तरह आगे बढ़ाया गया है।
तकनीक और सेमीकंडक्टर मिशन
पीएम मोदी ने तकनीकी प्रगति पर जोर देते हुए कहा—
“21वीं सदी तकनीक की सदी है, और जो देश इसमें आगे बढ़े, वही शिखर पर पहुंचे।”
उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर के विचार पर 50-60 साल पहले काम शुरू हुआ था, लेकिन वह अधूरा रह गया।
वर्तमान में भारत मिशन मोड में काम कर रहा है और छह सेमीकंडक्टर यूनिट्स की नींव रखी जा चुकी है।
इस वर्ष के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स बाजार में उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा भी प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न विषयों पर अपनी बात कही