नए साल की पहली कैबिनेट बैठक में नेपानगर और बुरहानपुर की दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को दिए टैबलेट.
भोपाल। नए वर्ष 2026 की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल में हुई। इसमें नेपानगर और बुरहानपुर की दो सिंचाई परियोजनाओं की मंजूरी दी गई। इसके साथ ही इस कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों को टैबलेट दिए गए हैं। इसका इस्तेमाल ई-कैबिनेट में होगा।
कैबिनेट की बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि बुरहानपुर जिला सिंचाई में 41वां स्थान है। बुरहानपुर विधानसभा में 922 करोड़ की लागत की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना मंजूर की गई है। जिससे 17 हजार 700 हेक्टेयर में सिंचाई की जाएगी। नेपानगर विधानसभा के लि 1676 करोड़ की लागत की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इससे 34 हजार 100 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इससे 22 हजार 600 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा।
नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय योजना
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत नर्मदा का पानी साल 2028 तक लिफ्ट करना है। इसमें 2489 करोड़ के लागत की नर्मदा—क्षिप्रा बहुउद्देशीय योजना और 1520 करोड़ की लागत की बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन योजना को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी को हस्तांतरित कर दी गई है। इसमें राज्य सरकार ने अब तक जो खर्च किया है, उसे कंपनी की अंश पूजी के रूप में कंवर्ट किया जाएगा। जिसमें कंपनी मेंटेनेंस समेत अन्य काम करेगी।
22 आदिवासी जिलों में सड़कों का निर्माण
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आदिवासी न्याय महाअभियान में पीएम जन—मन योजना के तहत मप्र के ऐसे 22 जिले जहां बेगा, भारिया, सेहरिया के समाज निवासरत हैं, उन क्षेत्रों में 795 करोड़ रुपए लागत से 1039 किलो मीटर के नए रोड और 112 पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा।
88 हजार किमी सड़कों का होगा उन्नयन
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की वर्तमान योजना को 2026—27 से 2030—31 तक पांच साल तक निरंतरता दी गई है। इसमें 17 हजार 196 करोड़ की लागत से 20 हजार नई सड़क और 1200 पुल निर्माण होगा, जबकि 88 हजार 517 किलो मीटर मार्गों का उन्नयन किया जाएगा। इस पर 10 हजार करोड़ रुपए का अनुमानित खर्च होगा।
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की दी जानकारी
कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों को टैबलेट दिए गए हैं। इसका इस्तेमाल ई-कैबिनेट में होगा। अगली दो कैबिनेट बैठक के बाद ई कैबिनेट मीटिंग होगी। बैठक में मंत्रियों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में प्रजेंटेशन एवं प्रशिक्षण दिया गया। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन एक आधुनिक तकनीक है। कागज रहित , सुरक्षित और गोपनीय प्रणाली है, जिससे मंत्री कभी भी कहीं भी अपनी सुविधा अनुसार कैबिनेट की कार्यसूची देख सकेंगे। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से फिजिकली होने वाले फोल्डर वितरण, कागज और समय की भी बचत होगी। साथ ही ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन भी देखा जा सकेगा।
मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन
परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की प्रथम और द्वितीय अनुसूची में धारा 23 के अंतर्गत संशोधन को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से सिंचाई, सड़क निर्माण और परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी।