सऊदी अरब में होगी अमेरिका-यूक्रेन वार्ता,जेलेंस्की ने जताई बड़ी उम्मीद!.
सऊदी अरब में होगी अमेरिका-यूक्रेन वार्ता,जेलेंस्की ने जताई बड़ी उम्मीद!
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच अहम वार्ता अगले हफ्ते सऊदी अरब में होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होगी। हालांकि, जेलेंस्की खुद इस वार्ता में शामिल नहीं होंगे।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि अमेरिका इस वार्ता में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए एक संभावित शांति रूपरेखा पर चर्चा करेगा।

इससे पहले व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और ट्रंप के बीच तीखी बहस हो चुकी है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि जेलेंस्की लड़ाई खत्म करने को तैयार नहीं हैं। इस विवाद के बाद अमेरिका ने यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक दी और ख़ुफ़िया जानकारी साझा करना भी बंद कर दिया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को एक पत्र भेजा, जिसमें माफ़ी और आभार व्यक्त किया गया है।इस बीच, रूस का यूक्रेन पर दबदबा कायम है। फरवरी 2022 में शुरू हुए हमले के बाद से रूसी सेना अब यूक्रेन के 20% हिस्से पर कब्जा कर चुकी है।
सऊदी अरब में होगी अमेरिका-यूक्रेन वार्ता,जेलेंस्की ने जताई बड़ी उम्मीद!
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने घोषणा की है कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच अहम वार्ता अगले हफ्ते सऊदी अरब में होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बैठक महत्वपूर्ण साबित होगी। हालांकि, जेलेंस्की खुद इस वार्ता में शामिल नहीं होंगे।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि अमेरिका इस वार्ता में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए एक संभावित शांति रूपरेखा पर चर्चा करेगा।
इससे पहले व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और ट्रंप के बीच तीखी बहस हो चुकी है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि जेलेंस्की लड़ाई खत्म करने को तैयार नहीं हैं। इस विवाद के बाद अमेरिका ने यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक दी और ख़ुफ़िया जानकारी साझा करना भी बंद कर दिया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसी क्रम में ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को एक पत्र भेजा, जिसमें माफ़ी और आभार व्यक्त किया गया है।इस बीच, रूस का यूक्रेन पर दबदबा कायम है। फरवरी 2022 में शुरू हुए हमले के बाद से रूसी सेना अब यूक्रेन के 20% हिस्से पर कब्जा कर चुकी है।