आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए; नीरज चोपड़ा.
आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए; नीरज चोपड़ा
पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो इवेंट में रजत पदक जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा मुझे यह बात माननी पड़ेगी आज मेरा दिन नहीं था. मन में था कि राष्ट्रगान बजे. सबकी उम्मीदें थी. उम्मीदों पर खरे भी उतरे हैं. आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए.

उन्होंने कहा देश के लिए पदक जीतना हमेशा ही खुशी की बात होती है.मेडल की बात अलग है, अब ज़रूरत है गेम में सुधार करने की. जो इंजरी चल रही हैं उन पर काम करना है. टीम के साथ बात करके जो कमियां हैं उनको सुधारेंगे
आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए; नीरज चोपड़ा
पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो इवेंट में रजत पदक जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा मुझे यह बात माननी पड़ेगी आज मेरा दिन नहीं था. मन में था कि राष्ट्रगान बजे. सबकी उम्मीदें थी. उम्मीदों पर खरे भी उतरे हैं. आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए.
उन्होंने कहा देश के लिए पदक जीतना हमेशा ही खुशी की बात होती है.मेडल की बात अलग है, अब ज़रूरत है गेम में सुधार करने की. जो इंजरी चल रही हैं उन पर काम करना है. टीम के साथ बात करके जो कमियां हैं उनको सुधारेंगे