म्यांमार में भूकंप से तबाही: भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत शुरू की मदद.
म्यांमार में भूकंप से तबाही: भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत शुरू की मदद
भूकंप की भयावहता
म्यांमार में चार दिन पहले आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अब तक कम से कम 2000 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3900 से ज्यादा लोग घायल हैं। इसके अलावा करीब 150 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

मलबे में फंसे लोग और राहत अभियान
हालांकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हजारों लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस विनाशकारी आपदा के बीच कई देशों ने म्यांमार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, जिसमें भारत सबसे आगे है।
भारत का 'ऑपरेशन ब्रह्मा'
भारत ने पड़ोसी देश म्यांमार की सहायता के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया है। इसके तहत 29 मार्च (शनिवार) को भारत ने दो नौसैन्य जहाज म्यांमार भेजे। इन जहाजों के जरिए आर्मी फील्ड अस्पताल तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री और 118 चिकित्साकर्मियों को भी भेजा गया है, जो घायलों की देखभाल करेंगे।
आगे की तैयारी
भारत जल्द ही दो और नौसैन्य जहाजों को जरूरी सहायता सामग्री के साथ म्यांमार भेजने की योजना बना रहा है। इनमें से एक जहाज अंडमान-निकोबार कमांड के अंतर्गत श्रीविजयपुरम में तैनात है।
हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाई
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने शनिवार देर रात तक पांच सैन्य विमानों के माध्यम से राहत सामग्री, बचाव दल और चिकित्सा उपकरण म्यांमार भेजे।
राहत अभियान का केंद्र: मांडले
नेपीता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राहत सामग्री उतारने के बाद भारतीय टीम ने एक बंदरगाह क्षेत्र में अपना बेस बनाया। अभियान का विस्तार रविवार सुबह शुरू हुआ, जब एक अधिकारी और एक जूनियर कमीशन अधिकारी का टोही दल 160 मील उत्तर में स्थित मांडले पहुंचा।
मांडले को भारत के राहत अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया गया है, जहां तक मुख्य रूप से हवाई मार्ग का उपयोग कर सहायता पहुंचाई जा रही है। भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा म्यांमार के भूकंप प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
म्यांमार में भूकंप से तबाही: भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत शुरू की मदद
भूकंप की भयावहता
म्यांमार में चार दिन पहले आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। अब तक कम से कम 2000 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 3900 से ज्यादा लोग घायल हैं। इसके अलावा करीब 150 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
मलबे में फंसे लोग और राहत अभियान
हालांकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन हजारों लोग अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस विनाशकारी आपदा के बीच कई देशों ने म्यांमार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, जिसमें भारत सबसे आगे है।
भारत का 'ऑपरेशन ब्रह्मा'
भारत ने पड़ोसी देश म्यांमार की सहायता के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया है। इसके तहत 29 मार्च (शनिवार) को भारत ने दो नौसैन्य जहाज म्यांमार भेजे। इन जहाजों के जरिए आर्मी फील्ड अस्पताल तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री और 118 चिकित्साकर्मियों को भी भेजा गया है, जो घायलों की देखभाल करेंगे।
आगे की तैयारी
भारत जल्द ही दो और नौसैन्य जहाजों को जरूरी सहायता सामग्री के साथ म्यांमार भेजने की योजना बना रहा है। इनमें से एक जहाज अंडमान-निकोबार कमांड के अंतर्गत श्रीविजयपुरम में तैनात है।
हवाई मार्ग से राहत सामग्री पहुंचाई
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने शनिवार देर रात तक पांच सैन्य विमानों के माध्यम से राहत सामग्री, बचाव दल और चिकित्सा उपकरण म्यांमार भेजे।
राहत अभियान का केंद्र: मांडले
नेपीता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राहत सामग्री उतारने के बाद भारतीय टीम ने एक बंदरगाह क्षेत्र में अपना बेस बनाया। अभियान का विस्तार रविवार सुबह शुरू हुआ, जब एक अधिकारी और एक जूनियर कमीशन अधिकारी का टोही दल 160 मील उत्तर में स्थित मांडले पहुंचा।
मांडले को भारत के राहत अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया गया है, जहां तक मुख्य रूप से हवाई मार्ग का उपयोग कर सहायता पहुंचाई जा रही है। भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा म्यांमार के भूकंप प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।