तमिलनाडु में सियासी घमासान: एम के स्टालिन का मोदी-शाह पर तीखा प्रहार.
तमिलनाडु में सियासी घमासान: एम के स्टालिन का मोदी-शाह पर तीखा प्रहार
तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर जोरदार हमला बोला।
कोयंबटूर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए स्टालिन ने दावा किया कि जैसे-जैसे मोदी और शाह तमिलनाडु के दौरे बढ़ाएंगे, वैसे-वैसे उनकी पार्टी डीएमके और सहयोगियों की जीत का अंतर और ज्यादा बढ़ेगा।
उन्होंने अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके चुनावी घोषणापत्र में डीएमके की योजनाओं की नकल की गई है। स्टालिन ने ‘कलाईग्नार मगलिर उरिमै योजना’ और ‘विदियाल पयानम’ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी पहल उनकी सरकार की हैं, जिन्हें विरोधी दल ने कॉपी किया है।
एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास अपने दस साल के शासन की कोई बड़ी उपलब्धि बताने के लिए नहीं है और 2016 में किए गए वादों को भी पूरा नहीं किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए स्टालिन ने कहा कि उनका तमिलनाडु दौरा केवल चुनाव के समय ही बढ़ जाता है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी चेन्नई में रोड शो हुआ था, लेकिन डीएमके गठबंधन ने सभी 40 सीटों पर जीत हासिल की थी।
स्टालिन ने विश्वास जताया कि इस बार अगर मोदी और अमित शाह ज्यादा दौरे करेंगे, तो उनकी पार्टी 234 में से 200 सीटों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लेगी।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तमिल भाषा, संस्कृति और लोगों के अपमान का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि भाजपा नेता तमिलनाडु में अलग और अन्य राज्यों में अलग बयान देते हैं, जो उनकी दोहरी नीति को दर्शाता है।
अंत में उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पहले राज्यपाल आर. एन. रवि डीएमके के खिलाफ ‘चुनावी हथियार’ की तरह काम कर रहे थे, लेकिन अब उनके तबादले के बाद मोदी और शाह का आना ही डीएमके के लिए फायदेमंद साबित होगा।