होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप की चेतावनी: यूरोप ने मदद नहीं की तो नाटो के भविष्य पर पड़ेगा असर.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रंप की चेतावनी: यूरोप ने मदद नहीं की तो नाटो के भविष्य पर पड़ेगा असर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर यूरोपीय देश होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद नहीं करते हैं, तो यह नाटो के भविष्य के लिए “बहुत बुरा” साबित हो सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि चीन के राष्ट्रपति के साथ बीजिंग में होने वाली उनकी आगामी बैठक से पहले चीन इस जलडमरूमध्य को खोलने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि चीन को उसका लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता है।
बीजिंग में यह बैठक मार्च के अंत में प्रस्तावित है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि इससे पहले ही चीन कोई ठोस कदम उठाए। उनका कहना है कि बैठक में अभी दो सप्ताह का समय है और यह “लंबा समय” है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी चीन यात्रा टल भी सकती है, हालांकि इस बारे में उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
नाटो और यूरोपीय सहयोगियों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से लाभ मिलता है, उनके लिए इसे फिर से खोलने में मदद करना उचित है। उनके अनुसार यूरोप और चीन खाड़ी से आने वाले तेल पर काफी निर्भर हैं।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर दूसरे देशों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो यह नाटो के भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ अब तक काफी नरम रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हमें यूक्रेन के लिए उनकी मदद करना जरूरी नहीं था। यूक्रेन हमसे हजारों मील दूर है, फिर भी हमने उनकी मदद की। अब हम देखेंगे कि क्या वे हमारी मदद करते हैं। मैं लंबे समय से कहता आया हूं कि हम उनके लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन वे हमारे लिए मौजूद नहीं रहते।”
ट्रंप की यह टिप्पणी उस अपील के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए साझा प्रयास करने का आग्रह किया था।