उत्तराखंड में भारी बारिश से चारधाम यात्रा बाधित, हिमाचल में बादल फटने से 16 की मौत, कई लापता
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड में बुधवार रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम की यात्रा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कों के धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे चारधाम यात्रा गुरुवार को बाधित रही।
- यमुनोत्री हाईवे और केदारनाथ-गौरीकुंड हाईवे के धंसने से यात्री फंस गए।
- रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दो जगह भूस्खलन हुआ, जिससे केदारनाथ यात्रा सुबह प्रारंभ नहीं हो सकी।
- एसडीआरएफ की टीम ने सुबह 7:30 बजे रास्ता साफ कर गौरीकुंड से 40 यात्रियों को सुरक्षित सोनप्रयाग भेजा।
- सुबह 9 बजे से यात्रा पुनः प्रारंभ की गई, यात्री सोनप्रयाग से पैदल मार्ग से गौरीकुंड पहुंचे।

गंगोत्री हाईवे बहाली में लगा समय
गंगोत्री हाईवे को लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद बहाल किया जा सका। इस बीच, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के कई गांवों में नदी-नालों में उफान के कारण लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटा, मृतकों की संख्या बढ़ी
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में दो दिन पहले बादल फटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 55 लोग अब भी लापता हैं। बचाव और खोज अभियान जारी है।
उत्तराखंड में भारी बारिश से चारधाम यात्रा बाधित, हिमाचल में बादल फटने से 16 की मौत, कई लापता
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड में बुधवार रात से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम की यात्रा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कों के धंसने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे चारधाम यात्रा गुरुवार को बाधित रही।
यमुनोत्री हाईवे और केदारनाथ-गौरीकुंड हाईवे के धंसने से यात्री फंस गए।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दो जगह भूस्खलन हुआ, जिससे केदारनाथ यात्रा सुबह प्रारंभ नहीं हो सकी।
एसडीआरएफ की टीम ने सुबह 7:30 बजे रास्ता साफ कर गौरीकुंड से 40 यात्रियों को सुरक्षित सोनप्रयाग भेजा।
सुबह 9 बजे से यात्रा पुनः प्रारंभ की गई, यात्री सोनप्रयाग से पैदल मार्ग से गौरीकुंड पहुंचे।
गंगोत्री हाईवे बहाली में लगा समय
गंगोत्री हाईवे को लगभग पांच घंटे की मशक्कत के बाद बहाल किया जा सका। इस बीच, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों के कई गांवों में नदी-नालों में उफान के कारण लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटा, मृतकों की संख्या बढ़ी
वहीं, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में दो दिन पहले बादल फटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 55 लोग अब भी लापता हैं। बचाव और खोज अभियान जारी है।