वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा पर उठे सवाल, रेलवे सुरक्षा आयोग की रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें.
वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा पर उठे सवाल, रेलवे सुरक्षा आयोग की रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें
भारतीय रेलवे की सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार इसकी तेज़ रफ्तार नहीं, बल्कि इसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। रेलवे सुरक्षा आयोग की हालिया रिपोर्ट में वंदे भारत ट्रेनों की संरचना और संचालन से जुड़े कई संभावित खतरे उजागर किए गए हैं।

हल्के अगला डिब्बा बना सकता है दुर्घटना का कारण
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वंदे भारत ट्रेनों का अगला डिब्बा सामान्य ट्रेनों के इंजन की तुलना में काफी हल्का होता है। इस कारण, यदि ट्रैक पर मवेशी या कोई अन्य बाधा आ जाए, तो हाई स्पीड पर यह ट्रेन गंभीर हादसे का शिकार हो सकती है।
तेज़ रफ्तार रूट्स पर लेवल क्रॉसिंग हटाने की सिफारिश
आयोग ने सुझाव दिया है कि जिन रूट्स पर वंदे भारत जैसी ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है, वहां पर लेवल क्रॉसिंग गेट्स को पूरी तरह से हटाया जाए। इसके अलावा, ऐसे इलाकों की पहचान की जाए जहां भीड़ या मवेशियों का ट्रैक पर आना आम है, और वहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की नियमित तैनाती की जाए।
किसानों के लिए भूमिगत मार्ग की व्यवस्था हो
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसानों और ग्रामीणों को अपने जानवरों के साथ रेलवे ट्रैक पार करने के लिए भूमिगत मार्ग (अंडरपास) जैसी वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जानवर ट्रैक पर न आएं और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुधार आवश्यक
आयोग ने ट्रेन की इमरजेंसी व्यवस्था पर भी ध्यान दिलाया है:
-
हादसे की स्थिति में यात्रियों को आसानी से बाहर निकलने की सुविधा होनी चाहिए।
-
आग लगने या अन्य आपात स्थिति में दरवाज़े अपने आप खुलने चाहिए।
-
ड्राइवर के केबिन से दरवाजों के नियंत्रण के लिए ऐसी केबल होनी चाहिए जो आग लगने पर भी काम करे।
-
ट्रेन में दी गई इमरजेंसी सीढ़ियाँ प्रयोग में आसान नहीं हैं, इन्हें अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
-
ट्रेन के बाहर मजबूत ग्रैब हैंडल लगाए जाएं, जैसा कि राजधानी एक्सप्रेस में होता है, ताकि यात्री आसानी से पकड़ कर बाहर निकल सकें।
तेज़ रफ्तार ट्रेनों की योजना के बीच रिपोर्ट बनी चेतावनी
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारतीय रेलवे वंदे भारत ट्रेनों को कई नए रूट्स पर तेज़ रफ्तार से चलाने की योजना बना रहा है। आयोग की सिफारिशों को यदि गंभीरता से नहीं लिया गया, तो ये तकनीकी ख़ामियाँ और सुरक्षा चूक भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा पर उठे सवाल, रेलवे सुरक्षा आयोग की रिपोर्ट में कई अहम सिफारिशें
भारतीय रेलवे की सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार इसकी तेज़ रफ्तार नहीं, बल्कि इसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। रेलवे सुरक्षा आयोग की हालिया रिपोर्ट में वंदे भारत ट्रेनों की संरचना और संचालन से जुड़े कई संभावित खतरे उजागर किए गए हैं।
हल्के अगला डिब्बा बना सकता है दुर्घटना का कारण
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वंदे भारत ट्रेनों का अगला डिब्बा सामान्य ट्रेनों के इंजन की तुलना में काफी हल्का होता है। इस कारण, यदि ट्रैक पर मवेशी या कोई अन्य बाधा आ जाए, तो हाई स्पीड पर यह ट्रेन गंभीर हादसे का शिकार हो सकती है।
तेज़ रफ्तार रूट्स पर लेवल क्रॉसिंग हटाने की सिफारिश
आयोग ने सुझाव दिया है कि जिन रूट्स पर वंदे भारत जैसी ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा रहा है, वहां पर लेवल क्रॉसिंग गेट्स को पूरी तरह से हटाया जाए। इसके अलावा, ऐसे इलाकों की पहचान की जाए जहां भीड़ या मवेशियों का ट्रैक पर आना आम है, और वहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की नियमित तैनाती की जाए।
किसानों के लिए भूमिगत मार्ग की व्यवस्था हो
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसानों और ग्रामीणों को अपने जानवरों के साथ रेलवे ट्रैक पार करने के लिए भूमिगत मार्ग (अंडरपास) जैसी वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जानवर ट्रैक पर न आएं और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुधार आवश्यक
आयोग ने ट्रेन की इमरजेंसी व्यवस्था पर भी ध्यान दिलाया है:
हादसे की स्थिति में यात्रियों को आसानी से बाहर निकलने की सुविधा होनी चाहिए।
आग लगने या अन्य आपात स्थिति में दरवाज़े अपने आप खुलने चाहिए।
ड्राइवर के केबिन से दरवाजों के नियंत्रण के लिए ऐसी केबल होनी चाहिए जो आग लगने पर भी काम करे।
ट्रेन में दी गई इमरजेंसी सीढ़ियाँ प्रयोग में आसान नहीं हैं, इन्हें अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
ट्रेन के बाहर मजबूत ग्रैब हैंडल लगाए जाएं, जैसा कि राजधानी एक्सप्रेस में होता है, ताकि यात्री आसानी से पकड़ कर बाहर निकल सकें।
तेज़ रफ्तार ट्रेनों की योजना के बीच रिपोर्ट बनी चेतावनी
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारतीय रेलवे वंदे भारत ट्रेनों को कई नए रूट्स पर तेज़ रफ्तार से चलाने की योजना बना रहा है। आयोग की सिफारिशों को यदि गंभीरता से नहीं लिया गया, तो ये तकनीकी ख़ामियाँ और सुरक्षा चूक भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।