दिल्ली-एनसीआर की हवा बनी ‘जहर’: एक्यूआई 462 पर पहुंचा, ग्रेप-4 लागू, WFH और हाइब्रिड स्कूलों का आदेश.
दिल्ली-एनसीआर की हवा बनी ‘जहर’: एक्यूआई 462 पर पहुंचा, ग्रेप-4 लागू, WFH और हाइब्रिड स्कूलों का आदेश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार को कोहरे और स्मॉग की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते नजर आए, वहीं दिल्ली एयरपोर्ट पर भी विजिबिलिटी प्रभावित हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 462 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी के सभी 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘लाल निशान’ यानी गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। आनंद विहार में एक्यूआई 491, आईटीओ में 484, पहाड़गंज में 488, रोहिणी में 499, जबकि जहांगीरपुरी और विवेक विहार में 495 दर्ज किया गया।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पहले ग्रेप-3 और फिर हालात बिगड़ने पर ग्रेप-4 लागू कर दिया। इसके साथ ही एनसीआर में अब ग्रेप के चारों चरणों की पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं।
ग्रेप-4 के तहत सख्त प्रतिबंध
– दिल्ली में केवल बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति
– बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चारपहिया वाहनों पर रोक, दिव्यांगों को छूट
– स्वच्छ ईंधन पर नहीं चलने वाले ईंट भट्ठे, हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर बंद
– सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक, जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को छूट
– दिल्ली में केवल जरूरी सामान लाने वाले ट्रक, सीएनजी, ई-ट्रक और बीएस-6 ट्रकों को अनुमति
– दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-जरूरी हल्के वाणिज्यिक वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध
– बीएस-6 या उससे पुराने डीजल के भारी मालवाहक वाहनों पर भी रोक
वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई
प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश जारी किया गया है। वहीं शिक्षा निदेशालय ने नौवीं तक और 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है, यानी पढ़ाई ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से होगी।
बिगड़ती हवा ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर डाल दिया है।