बाहुबली अनंत सिंह जेल से जीत गए विधानसभा चुनाव, मोकामा से जदयू ने बनाया था उम्मीदवार, छठी बार बनेंगे विधायक.
पटना। जेल में बंद बिहार के बाहुबली अनंत सिंह एक बार फिर चुनाव जीत गए हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने उन्हें मोकामा से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव प्रचार के दौरान एक अन्य बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बाहुलबली सूरजभान सिंह की पत्नी राजद उम्मीदवार वीणा देवी को हराया है।
अनंत सिंह ने मोकामा से छठी बार जीत हासिल की है। अनंत सिंह जो लगातार पांच बार विधायक रह चुके थे उनका मुकाबला आरजेडी के बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी और जन सुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी से था। मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान कभी लालू यादव के खास रहे बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। दुलारचंद यादव जनसुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी के चाचा हैं। इसके बाद जमकर बवाल मचा और अंतत: अनंत सिंह को बीच चुनाव में आधी रात को गिरफ्तार कर जेल में बद कर दिया गया था।
छठवीं बार मोकामा से विधायक बने
मोकामा विधानसभा सीट पर लगातार बाहुबलियों का कब्जा रहा है। 1990 और 1995 में अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह लालू प्रसाद यादव के साथ रहकर जनता दल से जीते थे। साल 2000 में सूरजभान सिंह ने दिलीप सिंह को हराकर जीत हासिल की थी, लेकिन अनंत सिंह जदयू के टिकट पर 2005 में लड़े और सूरजभान सिंह को हराकर पहली बार विधायक बने थे। 2005 में सरकार नहीं बनी थी और राष्ट्रपति शासन लगने के बाद उसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर में चुनाव हुआ उसमें अनंत सिंह को दूसरी बार जीत मिली थी। 2010 में भी जदयू के टिकट पर वह चुनाव जीते, लेकिन 2015 में नीतीश सरकार उनके खिलाफ हो गई और फिर वे निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते। 2020 में राजद के टिकट पर चुनाव लड़कर अनंत सिंह पांचवीं बार विधायक बने थे। उन्होंने जदयू के प्रत्याशी राजीव लोचन सिंह को 35,757 वोट से हराया था। 2022 में अनंत सिंह को सजा हो गई और उनकी सदस्यता चली गई थी। इसके बाद राजद के टिकट पर उनकी पत्नी नीलम देवी उपचुनाव लड़ीं और जीत गईं। 2025 के फ्लोर टेस्ट के दौरान नीलम देवी एनडीए खेमे में चली गईं। इस बार अनंत सिंह को जब कोर्ट ने बरी कर दिया तो वे फिर से 2025 में जदयू के टिकट पर चुनावी मैदान में आए थे।