बिहार चुनाव में नहीं चला लालू परिवार का जादू, हारते-हारते जीते तेजस्वी यादव, तेज प्रताप की बुरी हार.
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार लालू प्रसाद यादव के परिवार का जादू बिल्कुल ही नहीं चला। लालू के छोटे बेटे और महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव हारते-हारते किसी तरह राघोपुर से अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। दूसरी तरफ परिवार छोड़कर अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ रहे लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव बुरी तरह हार गए हैं।
मतगणना के दौरान दिन बर चली उटापटक के बाद तेजस्वी यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार को हरा दिया है। गिनती के दौरान कई राउंड में तेजस्वी पीछे भी हुए। कई बार तो ऐसा लगा कि वो हार भी सकते हैं। तेजस्वी यादव को 118597 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा के सतीश कुमार को 104065 वोट मिले। इस बार राघोपुर विधानसभा से सीट निकालना तेजस्वी यादव के लिए काफी चुनौती भरा माना जा रहा था। यही वजह रही कि कई बार राबड़ी देवी, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य को भी इस क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने के लिए जाना पड़ा। तेजस्वी यादव अन्य जगह चुनाव प्रचार करने के साथ-साथ राघोपुर जाकर लोगों से मिलते रहे थे। ऐसा संकेत मिल रहा था कि कई जातियां और राघोपुर दियारा क्षेत्र के कुछ यादव जाति के लोग उनसे नाराज हैं। राघोपुर से तेजस्वी यादव पहली बार 2015 में विधायक बने थे। दूसरी बार 2020 में फिर जीते। मुख्यमंत्री बनने के बाद लालू प्रसाद यादव पहली बार 1995 में राघोपुर से चुनाव लड़कर विधायक बने थे। उस समय से लगातार यह सीट लालू परिवार के कब्जे में है।
महुआ में हारे तेज प्रताप यादव
परिवार से निष्कासित होने के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने नशक्ति जनता दल नामक पार्टी बनाई थी। महुआ विधानसभा सीट से उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है। तेज प्रताप यहां तीसरे स्थान पर रहे। 27वें तथा अंतिम राउंड की गिनती में एनडीए घटक दल एलजेपीआर के प्रत्याशी संजय कुमार सिंह 87641 वोट पाकर जीत गए। राजद के मुकेश कुमार रौशन 42644 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे, जबकि तेज प्रताप यादव 35703 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे।
दानापुर से भी राजद के लिए बुरी खबर
लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती के लोकसभा क्षेत्र पाटलिपुत्र की महत्वपूर्ण दानापुर विधानसभा सीट पर भाजपा के रामकृपाल यादव को जीत मिली है। लोकसभा चुनाव 2024 में मीसा ने रामकृपाल यादव को हराया था। भाजपा ने पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे रामकृपाल को दानापुर से उतारा। उनके खिलाफ वर्तमान विधायक रीतलाल राय को फिर से उतारा गया था। बाहुबली रीतलाल यादव लालू परिवार के करीबी रहे हैं।