दमिश्क में भीषण संघर्ष: असद समर्थकों और नई सरकार की सेनाओं में खूनी झड़प.
दमिश्क में भीषण संघर्ष: असद समर्थकों और नई सरकार की सेनाओं में खूनी झड़प
सीरिया की राजधानी दमिश्क में नई इस्लामी सरकार के प्रति वफादार सेनाओं और सत्ता से बेदखल बशर अल-असद समर्थकों के बीच जबरदस्त संघर्ष की खबरें सामने आई हैं।देश के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्र में स्थित रूसी नियंत्रित एयरबेस के पास लताकिया प्रांत में हुई हिंसक झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।दिसंबर में असद शासन के पतन के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य संघर्ष माना जा रहा है।

मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:
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स्टेप न्यूज एजेंसी के अनुसार, सरकार समर्थित बलों के हमले में करीब 70 पूर्व सरकारी लड़ाके मारे गए, जबकि 25 से अधिक को गिरफ्तार किया गया।
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एएफपी समाचार एजेंसी ने एक युद्ध पर्यवेक्षक के हवाले से बताया कि कुल 48 लोग मारे गए, जिनमें 16 सरकारी सुरक्षाकर्मी, 28 असद समर्थक लड़ाके और 4 नागरिक शामिल हैं।
सीरिया के रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता कर्नल हसन अब्दुल गनी ने सरकारी मीडिया के माध्यम से लताकिया में असद समर्थकों को चेतावनी जारी की है।बशर अल-असद के पतन के बाद शिया श्रद्धालु सीरिया क्यों नहीं जा पा रहे? यह एक बड़ा सवाल बन गया है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक और राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ गई है।
दमिश्क में भीषण संघर्ष: असद समर्थकों और नई सरकार की सेनाओं में खूनी झड़प
सीरिया की राजधानी दमिश्क में नई इस्लामी सरकार के प्रति वफादार सेनाओं और सत्ता से बेदखल बशर अल-असद समर्थकों के बीच जबरदस्त संघर्ष की खबरें सामने आई हैं।देश के उत्तर-पश्चिमी तटीय क्षेत्र में स्थित रूसी नियंत्रित एयरबेस के पास लताकिया प्रांत में हुई हिंसक झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।दिसंबर में असद शासन के पतन के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सैन्य संघर्ष माना जा रहा है।
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं:
स्टेप न्यूज एजेंसी के अनुसार, सरकार समर्थित बलों के हमले में करीब 70 पूर्व सरकारी लड़ाके मारे गए, जबकि 25 से अधिक को गिरफ्तार किया गया।
एएफपी समाचार एजेंसी ने एक युद्ध पर्यवेक्षक के हवाले से बताया कि कुल 48 लोग मारे गए, जिनमें 16 सरकारी सुरक्षाकर्मी, 28 असद समर्थक लड़ाके और 4 नागरिक शामिल हैं।
सीरिया के रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता कर्नल हसन अब्दुल गनी ने सरकारी मीडिया के माध्यम से लताकिया में असद समर्थकों को चेतावनी जारी की है।बशर अल-असद के पतन के बाद शिया श्रद्धालु सीरिया क्यों नहीं जा पा रहे? यह एक बड़ा सवाल बन गया है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक और राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ गई है।