धरती और ज्यादा तप रही है: 2025 बना तीसरा सबसे गर्म साल, 1.5 डिग्री सीमा पार होना तय.
धरती और ज्यादा तप रही है: 2025 बना तीसरा सबसे गर्म साल, 1.5 डिग्री सीमा पार होना तय
वैश्विक तापमान को लेकर चेतावनी अब और गंभीर हो गई है। साल 2025 रिकॉर्ड में तीसरा सबसे गर्म साल दर्ज किया गया है। यह साल 2023 से केवल 0.01 डिग्री सेल्सियस ठंडा रहा, जबकि अब तक के सबसे गर्म साल 2024 से महज 0.13 डिग्री कम रहा। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 2015 से 2025 के बीच के सभी 11 साल अब तक के 11 सबसे गर्म साल साबित हुए हैं।
यूरोपीय जलवायु निगरानी कार्यक्रम कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, बीते तीन वर्षों में लगभग हर महीना अब तक के सबसे गर्म महीनों में शामिल रहा है। 2025 के दौरान दुनिया के करीब आधे हिस्से में पूरे साल तापमान सामान्य से कहीं अधिक रहा, जिससे औसत से ज्यादा हीट स्ट्रेस दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि एल-नीनो जैसी परिस्थितियां न होने के बावजूद समुद्र की सतह का तापमान ऐतिहासिक रूप से ऊंचा बना रहा।
ध्रुवीय क्षेत्रों में असामान्य गर्मी ने वैश्विक औसत तापमान को और ऊपर खींच दिया। 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा पार होना अब तय है, । 2025 के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि आज की सच्चाई है। बढ़ते जोखिमों से बचाव के लिए उत्सर्जन में तेज कटौती और अनुकूलन के ठोस कदम बेहद जरूरी हैं।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही, तो 1.5 डिग्री की दीर्घकालिक सीमा इस दशक के अंत तक, यानी पहले के अनुमानों से करीब एक दशक पहले ही पार हो सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में अंटार्कटिका अब तक का सबसे गर्म साल रहा, जबकि आर्कटिक दूसरा सबसे गर्म। वैश्विक भूमि क्षेत्रों पर तापमान भी दूसरा सबसे अधिक दर्ज हुआ। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में तापमान 2023–24 की तुलना में कुछ कम रहा, लेकिन ध्रुवीय इलाकों की असाधारण गर्मी ने इसकी भरपाई कर दी।