भागीरथपुरा के गंदे पानी को लेकर इंदौर में अफसरों का मंथन, 10 जनवरी से सीएम शुरू करेंगे प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान .
इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों को लेकर शुक्रवार को इंदौर में अफसरों ने मंथन किया। बैठक में बताया गया कि स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। क्षेत्र में प्रभावित नागरिकों के स्वास्थ्य में भी लगातार सुधार आ रहा है। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल के वितरण की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही जानकारी दी गई कि सीएम डॉ.मोहन यादव 10 जनवरी से पूरे प्रदेश में शुद्ध जल अभियान शुरू करेंगे।
शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय रज मंडलोई और इंदौर जिले के प्रभारी तथा अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन की विशेष उपस्थिति में हुई बैठक में भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति के बारे में समीक्षा की गई। बैठक में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मण्डलोई और राजन ने बैठक में बताया कि आपदा को अवसर में बदलकर पूरे शहर को दूषित जल से मुक्ति के लिये कारगर प्रयास सुनिश्चित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत शुद्ध जल आपूर्ति पर विशेष फोकस रहेगा। अभियान में सभी जल स्रोतों की जांच, त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता के कार्य प्राथमिकता से होंगे।
पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति की सतत समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना को एक चेतावनी मानते हुए पूरे प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था की सतत समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल एवं सुरक्षित जीवन परिवेश मिल सके। मण्डलोई ने बैठक में नगर निगम को निर्देश दिए कि शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर समय तत्पर और सजग रहे। बैठक में बताया गया कि अब नई रणनीति के साथ शासन-प्रशासन कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है और पूरे प्रदेश में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
पाइपलाइन से जुड़े सभी सरकारी बोरिंग होंगे सील
बैठक में बताया गया कि मेन पाइपलाइन से जुड़े सभी शासकीय बोरवेल सील किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार का कंटामिनेशन रोका जा सके। बैठक में जानकारी दी गई कि 13 जनवरी से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय पुनः प्रारंभ किया जाएगा। जल शुद्ध पाए जाने के बावजूद एहतियातन उबालकर पानी पीने की एडवाइजरी जारी रहेगी।
पूरे इंदौर के भूजल की गुणवत्ता पर निगरानी
बैठक में बताया गया कि केवल भागीरथपुरा नहीं, बल्कि पूरे इंदौर शहर की जल आपूर्ति एवं भूजल गुणवत्ता की निगरानी की जायेगी। इसके लिये पूरे शहर के 105 ओवरहेड टैंकों पर इलेक्ट्रॉनिक/कंप्यूटरीकृत वाटर एनालाइज़र लगाए जाएंगे। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम में विशेष व्यवस्था होगी। बताया गया कि सीवेज लाइन, मेन पाइपलाइन, चैंबरों की लीकेज रोकथाम, प्लास्टरिंग एवं सीलिंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जायेगा।
राजन ने कहा-ऐसी घटना दोबारा न हो
अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण रही, लेकिन इससे सबक लेते हुए शासन-प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। पीड़ितों को श्रेष्ठ चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराना और नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।