इंदौर के स्कूल शिक्षा विभाग में 2 करोड़ 87 लाख रुपए के गबन के मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा का कड़ा एक्शन, पांच कर्मचारी निलंबित.
इंदौर। स्कूल शिक्षा विभाग में 2 करोड़ 87 लाख रुपए के गबन के मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ा एक्शन लिया है। कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर ने जिन पांच कर्मचारियों को निलंबित किया है, उनमें अकाउंटेंट दिनेश पवार, मेघना चार्ल्स, भृत्य सिद्धार्थ जोशी, राहुल अहिरे एवं अतुल त्रिवेदी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के दुरुपयोग के तथ्य सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लिया प्रभार
कलेक्टर ने पांच कर्मचारियों के निलंबन के बाद विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी से प्रभार वापस ले लिया है। कलेक्टर वर्मा ने कार्य सुविधा की दृष्टि से विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी विकासखण्ड इंदौर का दायित्व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विवेकानंद इंदौर के प्राचार्य मनोज खोपकर को सौंपा है।
2018 से चल रहा था फर्जीवाड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में साल 2018 से अब तक स्कॉलरशिप और अन्य मदों के 2.87 करोड़ निजी खातों में ट्रांसफर किए गए। स्थानीय स्तर पर इसकी भनक तक नहीं लगी। फर्जीवाड़ा तब पकड़ में आया, जब भोपाल ट्रेजरी मुख्यालय और ऑडिटर की रिपोर्ट आई। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया था कि गबन से जुड़े करीब 150 बैंक खातों को सीज कराया गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी और पूरी राशि की वसूली भी की जाएगी। पूरे मामले की जांच संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा करेंगे।
सीईओ जिला पंचायत ने किया था तलब
जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल से रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद उन्होंने शिक्षा विभाग के अफसरों को तलब किया और गबन से जुड़े भारी-भरकम दस्तावेज मंगवाए। जैन ने बताया- कई संदेहजनक ट्रांजेक्शन हुए हैं। एसओपी के अनुसार जांच होगी।