व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र के बाहरी शासन में रखने का दिया सुझाव.
व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र के बाहरी शासन में रखने का दिया सुझाव
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बाहरी शासन के तहत रखने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि यह कदम शांति समझौते तक पहुंचने के प्रयासों का हिस्सा हो सकता है।

पुतिन ने क्यों दिया यह प्रस्ताव?
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रूस-यूक्रेन युद्ध में कुछ युद्धक्षेत्रों में सफलता के बाद पुतिन ने यह प्रस्ताव दिया।
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उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अवैध करार दिया, क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
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पुतिन के अनुसार, किसी भी समझौते को यूक्रेनी सरकार का उत्तराधिकारी चुनौती दे सकता है।
पुतिन की शर्तें और सुझाव
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संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय देशों की देखरेख में यूक्रेन में अस्थायी शासन स्थापित करने का सुझाव।
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लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से जनता का विश्वास जीतने वाली सरकार बनाने की बात।
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उसके बाद ही किसी शांति समझौते पर बातचीत की संभावना।
रूस की मांगें
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यूक्रेनी सेना को उन चार क्षेत्रों से वापस बुलाना होगा, जिन पर रूस ने आंशिक कब्जा कर लिया है।
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यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से इनकार करना होगा।
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सेना में कटौती करने और रूसी भाषा और संस्कृति की संरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान करना होगा।
फ्रांस के शांति सम्मेलन पर प्रतिक्रिया
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पुतिन का यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित शांति सम्मेलन के बाद आया है।
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सम्मेलन में यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए सैनिक तैनाती पर चर्चा की गई थी।
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रूस ने नाटो देशों की शांति सेना को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
मौजूदा स्थिति
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रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ढांचों पर हमले और झड़पें जारी हैं।
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पुतिन का दावा है कि रूसी सेना ने सभी मोर्चों पर आक्रामक बढ़त बना ली है और युद्ध को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए संघर्ष कर रही है।
व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र के बाहरी शासन में रखने का दिया सुझाव
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में बाहरी शासन के तहत रखने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि यह कदम शांति समझौते तक पहुंचने के प्रयासों का हिस्सा हो सकता है।
पुतिन ने क्यों दिया यह प्रस्ताव?
रूस-यूक्रेन युद्ध में कुछ युद्धक्षेत्रों में सफलता के बाद पुतिन ने यह प्रस्ताव दिया।
उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को अवैध करार दिया, क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
पुतिन के अनुसार, किसी भी समझौते को यूक्रेनी सरकार का उत्तराधिकारी चुनौती दे सकता है।
पुतिन की शर्तें और सुझाव
संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और यूरोपीय देशों की देखरेख में यूक्रेन में अस्थायी शासन स्थापित करने का सुझाव।
लोकतांत्रिक चुनावों के माध्यम से जनता का विश्वास जीतने वाली सरकार बनाने की बात।
उसके बाद ही किसी शांति समझौते पर बातचीत की संभावना।
रूस की मांगें
यूक्रेनी सेना को उन चार क्षेत्रों से वापस बुलाना होगा, जिन पर रूस ने आंशिक कब्जा कर लिया है।
यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से इनकार करना होगा।
सेना में कटौती करने और रूसी भाषा और संस्कृति की संरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान करना होगा।
फ्रांस के शांति सम्मेलन पर प्रतिक्रिया
पुतिन का यह बयान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित शांति सम्मेलन के बाद आया है।
सम्मेलन में यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लिए सैनिक तैनाती पर चर्चा की गई थी।
रूस ने नाटो देशों की शांति सेना को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
मौजूदा स्थिति
रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ढांचों पर हमले और झड़पें जारी हैं।
पुतिन का दावा है कि रूसी सेना ने सभी मोर्चों पर आक्रामक बढ़त बना ली है और युद्ध को अपने पक्ष में मोड़ने के लिए संघर्ष कर रही है।