ब्रिक्स समिट में बोले पीएम मोदी-आतंकवाद और टेरर फंडिग के खिलाफ मजबूती से लड़ना होगा.
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रूस में आयोजित ब्रिक्स समिट में अपना संबोधन दिया। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ मजबूती से लड़ना होगा। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर जाने से रोकना होगा। पीएम ने कहा कि भारत युद्ध नहीं संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
रूस के कजान शहर में आयोजित ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर दोहरे रवैये की कोई जगह नहीं है। ब्रिक्स देशों को साथ आकर इससे लड़ना होगा। रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास की जंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा-हम युद्ध नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं। जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को परास्त किया, उसी तरह हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमें विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं, जनहितकारी समूह है।
आतंकवाद पर दोहरे मापदंड का स्थान नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग से निपटने के लिए हम सभी को एक मत हो कर दृढ़ता से सहयोग देना होगा। ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे देशों के युवाओं में कट्टरता को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन के पेंडिंग मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा।
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रूस में आयोजित ब्रिक्स समिट में अपना संबोधन दिया। पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ मजबूती से लड़ना होगा। युवाओं को कट्टरपंथ की ओर जाने से रोकना होगा। पीएम ने कहा कि भारत युद्ध नहीं संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
रूस के कजान शहर में आयोजित ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर दोहरे रवैये की कोई जगह नहीं है। ब्रिक्स देशों को साथ आकर इससे लड़ना होगा। रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास की जंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा-हम युद्ध नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं। जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को परास्त किया, उसी तरह हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमें विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं, जनहितकारी समूह है।
आतंकवाद पर दोहरे मापदंड का स्थान नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और टेरर फाइनेंसिंग से निपटने के लिए हम सभी को एक मत हो कर दृढ़ता से सहयोग देना होगा। ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे देशों के युवाओं में कट्टरता को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन के पेंडिंग मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा।