18 महीने बाद बांग्लादेश में नई सरकार: बीएनपी की वापसी, भारत ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ.
18 महीने बाद बांग्लादेश में नई सरकार: बीएनपी की वापसी, भारत ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ
करीब 18 महीने के इंतज़ार के बाद मंगलवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व में बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो गया। हालिया आम चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल कर बीएनपी ने सत्ता में वापसी की, जबकि मुख्य विपक्ष के रूप में जमात ए इस्लामी बांग्लादेश उभरी।
भारत की सक्रिय कूटनीति
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान से शिष्टाचार मुलाक़ात की। ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की।
बैठक में विक्रम मिसरी ने डॉ. शफ़ीक़ुर रहमान को उनकी नई भूमिका के लिए बधाई दी और कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध दोनों देशों की जनता के हितों से गहराई से जुड़े हैं। वहीं, शफ़ीक़ुर रहमान ने साझा सांस्कृतिक विरासत का ज़िक्र करते हुए द्विपक्षीय रिश्तों को और मज़बूत करने की उम्मीद जताई।
मोदी का न्योता, बिरला की मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह में भारत की लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। उन्होंने नव निर्वाचित प्रधानमंत्री तारीक रहमान से मुलाक़ात कर उन्हें मोदी का बधाई संदेश सौंपा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक़ रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है, जो दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा का संकेत माना जा रहा है।
चुनाव परिणाम और आगे की राह
12 फरवरी को हुए आम चुनावों में बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिला था, जबकि जमात-ए-इस्लामी दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी।