हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही: सीएम सुक्खू ने हवाई सर्वे के बाद राहत‑बचाव तेज करने के निर्देश.
हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही: सीएम सुक्खू ने हवाई सर्वे के बाद राहत‑बचाव तेज करने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश के मंडी, करसोग, थुनाग, गोहर और जंजैहली इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही मची है। अब तक 18 मौतें और दर्जनों लोग लापता हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

मुख्य प्रभावित क्षेत्र और मौजूदा हालात
- स्याठी (धर्मपुर) गांव पूरी तरह जलप्रलय में बह गया; 61 ग्रामीणों को बचाया गया।
- लापता लोग: तीन और शव मिलने के बाद भी 34 व्यक्तियों का पता नहीं, अधिकतर सराज क्षेत्र से।
- सड़कों की स्थिति: प्रदेश‑भर में 245 सड़कें अवरुद्ध; थुनाग‑जंजैहली मार्ग ध्वस्त, एनडीआरएफ पैदल पहुंची।
- मंडी जनपद: 148 मकान, 104 गोशालाएं, 14 पुल नष्ट; 31 वाहन क्षतिग्रस्त।
- बिजली‑पानी संकट: 918 ट्रांसफॉर्मर और 683 पेयजल योजनाएँ ठप।
सरकारी कार्रवाई
- हवाई सर्वेक्षण: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर वायुसेना से सहायता माँगी।
- राहत कार्य: एनडीआरएफ‑एसडीआरएफ, पुलिस व प्रशासन की टीमें तैनात; अब तक 370 लोगों का रेस्क्यू।
- विशेष राहत पैकेज: क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण व पशुधन क्षति पर बढ़ा मुआवज़ा देने की घोषणा।
- भू‑अध्ययन: मंडी‑कोटली सड़क पर चट्टानी सरकाव की वैज्ञानिक जाँच के निर्देश।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता
मुख्यमंत्री ने बादल फटने की बढ़ती घटनाओं के पीछे जलवायु परिवर्तन की भूमिका का ज़िक्र करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से सामूहिक अध्ययन की अपील की।
हिमाचल में बादल फटने से भारी तबाही: सीएम सुक्खू ने हवाई सर्वे के बाद राहत‑बचाव तेज करने के निर्देश
हिमाचल प्रदेश के मंडी, करसोग, थुनाग, गोहर और जंजैहली इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन से भारी तबाही मची है। अब तक 18 मौतें और दर्जनों लोग लापता हैं, जबकि कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
मुख्य प्रभावित क्षेत्र और मौजूदा हालात
स्याठी (धर्मपुर) गांव पूरी तरह जलप्रलय में बह गया; 61 ग्रामीणों को बचाया गया।
लापता लोग: तीन और शव मिलने के बाद भी 34 व्यक्तियों का पता नहीं, अधिकतर सराज क्षेत्र से।
सड़कों की स्थिति: प्रदेश‑भर में 245 सड़कें अवरुद्ध; थुनाग‑जंजैहली मार्ग ध्वस्त, एनडीआरएफ पैदल पहुंची।
मंडी जनपद: 148 मकान, 104 गोशालाएं, 14 पुल नष्ट; 31 वाहन क्षतिग्रस्त।
बिजली‑पानी संकट: 918 ट्रांसफॉर्मर और 683 पेयजल योजनाएँ ठप।
सरकारी कार्रवाई
हवाई सर्वेक्षण: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर वायुसेना से सहायता माँगी।
राहत कार्य: एनडीआरएफ‑एसडीआरएफ, पुलिस व प्रशासन की टीमें तैनात; अब तक 370 लोगों का रेस्क्यू।
विशेष राहत पैकेज: क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण व पशुधन क्षति पर बढ़ा मुआवज़ा देने की घोषणा।
भू‑अध्ययन: मंडी‑कोटली सड़क पर चट्टानी सरकाव की वैज्ञानिक जाँच के निर्देश।
जलवायु परिवर्तन पर चिंता
मुख्यमंत्री ने बादल फटने की बढ़ती घटनाओं के पीछे जलवायु परिवर्तन की भूमिका का ज़िक्र करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से सामूहिक अध्ययन की अपील की।