ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो का ब्रिक्स देशों पर हमला, भारत पर फिर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो ने ब्रिक्स देशों को निशाने पर लेते हुए उन्हें "वैम्पायर" करार दिया। उनका आरोप है कि ब्रिक्स देश अनुचित व्यापारिक नीतियों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ब्रिक्स पर तीखा बयान
अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में नवारो ने कहा:
- "ब्रिक्स देशों का अस्तित्व तभी तक है जब तक वे अमेरिका को सामान बेचते हैं।"
- "ये देश अमेरिका को सामान बेचते समय वैम्पायर की तरह हमारे खून को चूसते हैं।"
नवारो ने दावा किया कि ब्रिक्स देशों के बीच आपसी अविश्वास और तनाव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
- रूस और चीन के बीच भरोसे की कमी है।
- भारत और चीन के बीच दशकों से सीमा विवाद और तनाव जारी है।
- चीन ने पाकिस्तान को परमाणु हथियार दिए, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं।
- ब्राजील की अर्थव्यवस्था राष्ट्रपति लूला की नीतियों से प्रभावित हो रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब देखना होगा कि यह गठबंधन कितने दिन चलता है।"
ब्रिक्स शिखर बैठक
नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब ब्राजील की अध्यक्षता में ब्रिक्स की वर्चुअल बैठक हुई। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व किया।
- जयशंकर ने ब्रिक्स से वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की अपील की।
- ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि बैठक का फोकस न्यायपूर्ण, संतुलित और समावेशी वैश्विक व्यवस्था पर रहा।
भारत पर फिर हमला
नवारो ने एक बार फिर भारत को निशाना बनाया। उन्होंने एक्स पर दावा किया कि भारत उनकी पोल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने लिखा:
- "भारत की आबादी सबसे ज्यादा है और यह सिर्फ कुछ लाख प्रचारकों को तैनात कर मेरे पोल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है? यह मजेदार है।"
- साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को देखना चाहिए कि कैसे विदेशी ताकतें सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए कर रही हैं।
ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो का ब्रिक्स देशों पर हमला, भारत पर फिर साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो ने ब्रिक्स देशों को निशाने पर लेते हुए उन्हें "वैम्पायर" करार दिया। उनका आरोप है कि ब्रिक्स देश अनुचित व्यापारिक नीतियों से अमेरिका की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ब्रिक्स पर तीखा बयान
अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में नवारो ने कहा:
"ब्रिक्स देशों का अस्तित्व तभी तक है जब तक वे अमेरिका को सामान बेचते हैं।"
"ये देश अमेरिका को सामान बेचते समय वैम्पायर की तरह हमारे खून को चूसते हैं।"
नवारो ने दावा किया कि ब्रिक्स देशों के बीच आपसी अविश्वास और तनाव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
रूस और चीन के बीच भरोसे की कमी है।
भारत और चीन के बीच दशकों से सीमा विवाद और तनाव जारी है।
चीन ने पाकिस्तान को परमाणु हथियार दिए, जिससे भारत की सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं।
ब्राजील की अर्थव्यवस्था राष्ट्रपति लूला की नीतियों से प्रभावित हो रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब देखना होगा कि यह गठबंधन कितने दिन चलता है।"
ब्रिक्स शिखर बैठक
नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब ब्राजील की अध्यक्षता में ब्रिक्स की वर्चुअल बैठक हुई। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रतिनिधित्व किया।
जयशंकर ने ब्रिक्स से वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की अपील की।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि बैठक का फोकस न्यायपूर्ण, संतुलित और समावेशी वैश्विक व्यवस्था पर रहा।
भारत पर फिर हमला
नवारो ने एक बार फिर भारत को निशाना बनाया। उन्होंने एक्स पर दावा किया कि भारत उनकी पोल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने लिखा:
"भारत की आबादी सबसे ज्यादा है और यह सिर्फ कुछ लाख प्रचारकों को तैनात कर मेरे पोल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है? यह मजेदार है।"
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को देखना चाहिए कि कैसे विदेशी ताकतें सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए कर रही हैं।