क्या इसे भाजपा में कांग्रेस की मिलावट का असर मानें, पूर्व सीएम कैलाश जोशी के 63 वर्षीट बेटे दीपक जोशी ने 43 साल की कांग्रेस नेत्री से रचा डाली शादी.
भोपाल। मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने और कमलनाथ की सरकार जाने के बाद से भाजपा में कांग्रेस की मिलावट पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे। भाजपा के ही वरिष्ठ नेता कह रहे थे कि कांग्रेस वाले भाजपा की संस्कार और संस्कृति को प्रदूषित कर रहे हैं। इसका कितना असर भाजपा और कांग्रेस पर पड़ा यह तो पता नहीं, लेकिन पूर्व सीएम स्व.कैलाश जोशी के बेटे ने दीपक जोशी ने तो कमाल ही कर दिया है। पार्टी में हो रही मिलावट को उन्होंने जीवन में ही अपना लिया और एक कांग्रेस नेत्री से शादी कर डाली।
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के बेटे और शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके दीपक जोशी (63) ने महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश सचिव पल्लवी राज सक्सेना (43) से शादी कर ली है। सामने आई तस्वीरों में दीपक पल्लवी की मांग में सिंदूर भरते हुए नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह शादी आर्य समाज मंदिर में 4 दिसंबर को हुई। इसकी तस्वीरें पल्लवी ने ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की और बाद में डिलीट कर दी थीं। कांग्रेस नेता बृजेन्द्र शुक्ला ने दीपक जोशी की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुई बधाई दी।
पहले भी कुछ महिलाओं से शादी की चर्चा
दीपक जोशी जोशी की दो और महिलाओं से भी शादी की चर्चाएं हैं। इनमें से दो मामले कोर्ट तक भी पहुंचे हैं। पल्लवी से पहले नम्रता जोशी और शिखा जोशी (मित्रा) भी खुद को दीपक जोशी की पत्नी बता रही हैं। नम्रता का दावा है कि वे दीपक जोशी की पत्नी हैं और उनके घर में रहती हैं। जबकि, शिखा का दावा है कि उन्होंने 2016 में दीपक जोशी से शादी की थी, वे उनकी पत्नी हैं। जोशी की पहली पत्नी विजया का 2021 में कोरोना के चलते निधन हो गया था।
भाजपा से हो गया था मोहभंग
दीपक जोशी साल 2013 में देवास जिले की हाटपिपल्या सीट से चुनाव जीतकर स्कूल शिक्षा मंत्री बने थे। 2018 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी और ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेता मनोज चौधरी ने दीपक जोशी को हरा दिया। साल 2020 में सिंधिया ने अपने समर्थक 22 विधायकों के साथ कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। इनमें हाटपिपल्या विधायक मनोज चौधरी भी शामिल थे। कांग्रेस के 6 और विधायकों ने भी पार्टी से किनारा कर लिया। सरकार गिर गई। इसके बाद सभी 28 सीटों पर उपचुनाव हुए। भाजपा ने सभी 28 सीटों पर कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को ही टिकट दिया। दीपक जोशी ने भाजपा छोड़ दी थी।
शिवराज सिंह चौहान ने कराई घर वापसी
कांग्रेस ने दीपक को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया और खातेगांव से टिकट दिया था। वे इस चुनाव में हार गए थे। इसके डेढ़ साल बाद ही जोशी फिर से भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के नांदनेर में घर वापसी की।
कहां गई भाजपा की संस्कृति और कहां गए संस्कार
दीपक जोशी की शादी पर लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि यह न तो भाजपा की संस्कृति है और न ही संस्कार हैं। भाजपा के नेता ही पूर्व सीएम स्व.कैलाश जोशी के बेटे से इस तरह की उम्मीद नहीं कर रहे थे। अब कहा जा रहा है कि शायद पार्टी ने उन्हें ठीक से संस्कार नहीं दिए या वे दीपक जोशी खुद ही भाजपा को स्वीकार नहीं कर पाए।