बड़बोले मंत्री विजयवर्गीय ने केंद्रीय मंत्री खट्टर के सामने लाड़ली बहना जैसी योजनाओं पर साधा निशाना, कहा-चुनावी घोषणाओं से बिगड़ी राज्यों की हालत.
भोपाल। मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों में भाजपा द्वारा महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली लाडली बहना जैसी योजनाओं से प्रदेश सरकारों की आर्थिक हालत खराब हुई है, लेकिन संगठन के किसी नेता ने अब तक इस पर टिप्पणी नहीं की। प्रदेश सरकार के बड़बोले मंत्री ने शनिवार को भोपाल में केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर के सामने अपना मुंह खोल ही दिया। मंत्री ने कहा कि चुनावी घोषणाओं के कारण राज्यों की माली हालत खराब हो रही है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तत्वावधान में शनिवार को आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्यों) में कही। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राज्यों के बजट की स्थिति बेहद खराब हो गई है। चुनावी और राजनीतिक मजबूरियों के चलते कई घोषणाएं कर दी गईं, जिसका सीधा असर राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज राज्य सरकारों को केंद्र की ओर अधिक देखना पड़ता है। विजयवर्गीय ने कहा कि चुनावी और राजनीतिक मजबूरियों के कारण की गई लोकलुभावन घोषणाओं ने राज्यों के बजट का संतुलन बिगाड़ दिया है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है जब नगर निगमों को आत्मनिर्भर होना होगा और विकास की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। उन्होंने माना कि चुनावी वादों ने राज्य सरकारों की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया है।
कई प्रदेशों के मंत्री व अधिकारी थे उपस्थित
भोपाल में आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की इस उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्यमंत्री, भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में सीएम मोहन यादव भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को शहरी निकायों के माध्यम से धरातल पर उतारना था।
खट्टर ने कहा-केंद्र सरकार का बजट सीमित
मनोहर लाल केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा प्रदेशों को स्वयं को मजबूत करना होगा। केंद्र सरकार का बजट सीमित होता है। कुछ राज्यों में आवंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में जब अन्य राज्यों से मांग आती है, तो शेष बची राशि का वितरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि अनुमान है कि देश का करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र शहरी हो चुका है, लेकिन वास्तविक स्थिति जनगणना 2026 के बाद ही सामने आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलोनाइजेशन और भूमि प्रबंधन राज्य सरकारों का विषय है, जबकि केंद्र सरकार की भूमिका सहयोगी की है।
इन्हीं योजनाओं से मिली भाजपा को फतह
मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में भाजपा को इन्हीं योजनाओं से फतह मिली है। यहां तक की हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने वाली योजनाओं से ही बंपर जीत मिली है। भाजपा आलाकमान जहां इसे अपना तुरूप का पत्ता मानता है, वहीं विजयवर्गीय जैसे मंत्री इसे बोझ मान रहे हैं।