अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, कहा- अटलजी एक विचार और मिशन थे.
इंदौर। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती पर रविवार को इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन शामिल हुए। उपराष्ट्रपति ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि अटल जी की विरासत को आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे।
राज्यपाल ने कहा-ग्रंथ की भांति अटलजी का जीवन
समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भांति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने कहा कि अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
सीएम यादव ने लोकतंत्र की मर्यादा का प्रतीक बताया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी राष्ट्र नीति के शिखर पुरुष, राजनीति के अजातशत्रु और भारतीय लोकतंत्र की मर्यादा के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। सीएम यादव ने कहा कि अटल जी की सरकार चलाने की शैली पवित्रता और नैतिक साहस की मिसाल थी, चाहे गठबंधन सरकार हो या एक वोट से बहुमत का प्रश्न। परमाणु परीक्षणों के माध्यम से उन्होंने भारत को आत्मसम्मान और सामर्थ्य का संदेश दिया। कारगिल संघर्ष के समय उनके नेतृत्व ने देश की सीमाओं और स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प दृढ़ किया।
इन विभूतियों को मिला अटल अलंकरण
इस अवसर पर सत्यनारायण सत्तन (प्रसिद्ध कवि), सत्यनारायण जटिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री), संजय जगदाले (भारतीय क्रिकेट टीम चयन समिति के पूर्व चयनकर्ता) तथा पारंग शुक्ला (सागर) को अटल अलंकरण से सम्मानित किया गया। समारोह में अटल जी के जीवन पर आधारित एक भावपूर्ण लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, अटल