इजराइल ने मिस्र का संघर्ष विराम प्रस्ताव ठुकराया.
इजराइल ने मिस्र का संघर्ष विराम प्रस्ताव ठुकराया
मिस्र की तरफ से पेश किए गए गाजा संघर्ष विराम प्रस्ताव को इजराइल ने ठुकरा दिया। हालांकि, कुछ शर्तों के साथ हमास ने मिस्र के प्रस्ताव को स्वीकार करने के संकेत दिए हैं। दूसरी तरफ, इजराइल ने हमास के 100 से अधिक लड़ाकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आईडीएफ ने बताया, इजराइल सैनिकों ने ये गिरफ्तारियां उत्तरी गाजा के कमाल अद्वान अस्पताल में छापेमारी के दौरान की।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतेह अल-सीसी ने रविवार को चार इजराइल बंधकों व कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली के लिए गाजा में दो दिन के संघर्षविराम का प्रस्ताव देने की बात कही थी। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में बंधकों की रिहाई के बाद 10 और दिनों की समझौता वार्ता की बात थी। इसे पिछले हफ्ते इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा कैबिनेट के समक्ष सुरक्षा एजेंसी शिनबेट के प्रमुख रोनेन बार ने पेश किया था।

इसका अधिकतर मंत्री व सुरक्षा अधिकारियों ने समर्थन किया, लेकिन वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच व राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन ग्वीर ने विरोध किया। वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुरुआती युद्ध विराम पर चिंताओं का हवाला देते हुए प्रस्ताव पर मतदान नहीं कराने का निर्णय लिया और रोनेन बार को बेहतर शर्तों पर बातचीत करने के लिए मिस्र वापस भेज दिया।
इजराइल ने मिस्र का संघर्ष विराम प्रस्ताव ठुकराया
मिस्र की तरफ से पेश किए गए गाजा संघर्ष विराम प्रस्ताव को इजराइल ने ठुकरा दिया। हालांकि, कुछ शर्तों के साथ हमास ने मिस्र के प्रस्ताव को स्वीकार करने के संकेत दिए हैं। दूसरी तरफ, इजराइल ने हमास के 100 से अधिक लड़ाकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आईडीएफ ने बताया, इजराइल सैनिकों ने ये गिरफ्तारियां उत्तरी गाजा के कमाल अद्वान अस्पताल में छापेमारी के दौरान की।
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतेह अल-सीसी ने रविवार को चार इजराइल बंधकों व कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली के लिए गाजा में दो दिन के संघर्षविराम का प्रस्ताव देने की बात कही थी। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में बंधकों की रिहाई के बाद 10 और दिनों की समझौता वार्ता की बात थी। इसे पिछले हफ्ते इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा कैबिनेट के समक्ष सुरक्षा एजेंसी शिनबेट के प्रमुख रोनेन बार ने पेश किया था।
इसका अधिकतर मंत्री व सुरक्षा अधिकारियों ने समर्थन किया, लेकिन वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच व राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इटमार बेन ग्वीर ने विरोध किया। वहीं, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुरुआती युद्ध विराम पर चिंताओं का हवाला देते हुए प्रस्ताव पर मतदान नहीं कराने का निर्णय लिया और रोनेन बार को बेहतर शर्तों पर बातचीत करने के लिए मिस्र वापस भेज दिया।