गाजा में मानवीय सहायता रोके जाने पर इजराइल की आलोचना, अरब देशों और UN ने जताई कड़ी आपत्ति.
गाजा में मानवीय सहायता रोके जाने पर इजराइल की आलोचना, अरब देशों और UN ने जताई कड़ी आपत्ति
गाजा पट्टी में सभी मानवीय सहायता की एंट्री रोकने के इजराइली फैसले की कई अरब देशों और संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की है। मिस्र और कतर ने इसे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने इस कदम को "चिंताजनक" करार दिया।
इजराइल का दावा: "हमास चुरा रहा था सहायता सामग्री"
इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम हमास द्वारा मानवीय सहायता के दुरुपयोग के कारण उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमास सहायता सामग्री चुराकर अपनी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
साथ ही, इजराइल ने गाजा में युद्धविराम बढ़ाने के अमेरिकी प्रस्ताव को हमास द्वारा खारिज करने का भी आरोप लगाया।

हमास, अरब देश और UN ने किया विरोध
हमास ने इसराइली नाकेबंदी को "सस्ती ब्लैकमेल" बताते हुए कहा कि यह युद्धविराम समझौते के खिलाफ है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय क़ानून का उल्लंघन करार दिया।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इजराइल "भुखमरी को फिलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।"
सऊदी अरब ने भी इस फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई और इसे फिलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ एक अमानवीय कदम बताया।
इजराइल के इस फैसले से गाजा में हालात और बिगड़ सकते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
गाजा में मानवीय सहायता रोके जाने पर इजराइल की आलोचना, अरब देशों और UN ने जताई कड़ी आपत्ति
गाजा पट्टी में सभी मानवीय सहायता की एंट्री रोकने के इजराइली फैसले की कई अरब देशों और संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की है। मिस्र और कतर ने इसे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया, जबकि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख टॉम फ्लेचर ने इस कदम को "चिंताजनक" करार दिया।
इजराइल का दावा: "हमास चुरा रहा था सहायता सामग्री"
इजराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम हमास द्वारा मानवीय सहायता के दुरुपयोग के कारण उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमास सहायता सामग्री चुराकर अपनी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
साथ ही, इजराइल ने गाजा में युद्धविराम बढ़ाने के अमेरिकी प्रस्ताव को हमास द्वारा खारिज करने का भी आरोप लगाया।
हमास, अरब देश और UN ने किया विरोध
हमास ने इसराइली नाकेबंदी को "सस्ती ब्लैकमेल" बताते हुए कहा कि यह युद्धविराम समझौते के खिलाफ है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय क़ानून का उल्लंघन करार दिया।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इजराइल "भुखमरी को फिलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।"
सऊदी अरब ने भी इस फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी जताई और इसे फिलिस्तीनी जनता के ख़िलाफ एक अमानवीय कदम बताया।
इजराइल के इस फैसले से गाजा में हालात और बिगड़ सकते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।