यूक्रेन में शांति की उम्मीद: अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत हुआ कीव, अब रूस की बारी.
यूक्रेन में शांति की उम्मीद: अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत हुआ कीव, अब रूस की बारी
सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता के बाद, यूक्रेन ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 30 दिनों के तत्काल युद्धविराम को स्वीकार करने की घोषणा की है।
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अब फैसला रूस के हाथ में!
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा,
"हम इस प्रस्ताव को रूस के समक्ष रखेंगे, अब गेंद रूस के पाले में है।"
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भी इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि अब यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह रूस को इस समझौते के लिए राज़ी करे।
ट्रंप-ज़ेलेंस्की बहस के बाद पहला बड़ा समझौता
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दो हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच तीखी बहस के बाद, मंगलवार को सऊदी अरब में पहली आधिकारिक बैठक हुई।
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अमेरिका ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि वह यूक्रेन के साथ गोपनीय सूचनाओं और सुरक्षा सहयोग को तुरंत बहाल करेगा।
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इससे पहले ट्रंप और ज़ेलेंस्की की बहस के चलते अमेरिका ने इस सहयोग पर रोक लगा दी थी।
अब सभी की नज़रें रूस के अगले कदम पर टिकी हैं – क्या रूस इस युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या टकराव जारी रहेगा?
यूक्रेन में शांति की उम्मीद: अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव पर सहमत हुआ कीव, अब रूस की बारी
सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता के बाद, यूक्रेन ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 30 दिनों के तत्काल युद्धविराम को स्वीकार करने की घोषणा की है।
अब फैसला रूस के हाथ में!
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा,
"हम इस प्रस्ताव को रूस के समक्ष रखेंगे, अब गेंद रूस के पाले में है।"
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने भी इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि अब यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह रूस को इस समझौते के लिए राज़ी करे।
ट्रंप-ज़ेलेंस्की बहस के बाद पहला बड़ा समझौता
दो हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच तीखी बहस के बाद, मंगलवार को सऊदी अरब में पहली आधिकारिक बैठक हुई।
अमेरिका ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि वह यूक्रेन के साथ गोपनीय सूचनाओं और सुरक्षा सहयोग को तुरंत बहाल करेगा।
इससे पहले ट्रंप और ज़ेलेंस्की की बहस के चलते अमेरिका ने इस सहयोग पर रोक लगा दी थी।
अब सभी की नज़रें रूस के अगले कदम पर टिकी हैं – क्या रूस इस युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करेगा या टकराव जारी रहेगा?