ग्रीनलैंड पर ट्रंप की ज़िद, यूरोप पर टैरिफ की धमकी: जॉन बोल्टन बोले—कदम बेतुका और खतरनाक.
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की ज़िद, यूरोप पर टैरिफ की धमकी: जॉन बोल्टन बोले—कदम बेतुका और खतरनाक
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर अपने नियंत्रण में लाने के इरादे पर अड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि डेनमार्क ने इस मुद्दे पर साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है। यूरोप के अधिकांश देशों के डेनमार्क के समर्थन में आने से ट्रंप की नाराजगी और बढ़ गई है।
इस नाराजगी के जवाब में ट्रंप ने यूरोप के आठ प्रमुख देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। लेकिन इस कदम को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने “बेतुका और असंगत” करार दिया है।

जॉन बोल्टन ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा पश्चिमी देशों के लिए बेहद अहम है। उनके अनुसार यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से न सिर्फ अमेरिका, बल्कि पूरे पश्चिमी गठबंधन की सुरक्षा और स्थिरता के लिए केंद्रीय भूमिका निभाता है। उन्होंने ट्रंप के हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के बदले सहयोगी देशों को टैरिफ की धमकी देना आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने को और कठिन बना देता है।
बोल्टन ने कहा, “मैं लंबे समय से कहता आया हूं कि एक सुरक्षित ग्रीनलैंड पश्चिम के लिए निस्संदेह बेहद जरूरी है। लेकिन ट्रंप का यह हालिया विचित्र बयान, जिसमें ग्रीनलैंड के मुद्दे पर सहयोगियों को टैरिफ की धमकी दी गई है, आर्कटिक में स्थिरता और सुरक्षा की चुनौती को और बढ़ा देता है।

इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए घोषणा की कि डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड पर 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो 1 जून 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने दशकों तक डेनमार्क और यूरोपीय देशों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या टैरिफ के सब्सिडी दी है और अब डेनमार्क को “वापस देने” का समय आ गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन और रूस ग्रीनलैंड पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं, जबकि डेनमार्क इस दिशा में कुछ खास करने की स्थिति में नहीं है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है और वहां केवल दो डॉगस्लेड उपलब्ध हैं, जिनमें से एक हाल ही में जोड़ी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाना अनिवार्य है, ताकि यह संभावित रूप से खतरनाक स्थिति जल्द और बिना किसी टकराव के समाप्त हो सके।