बचपन में सट्टे के नंबर बताने वाले ‘उत्तम’ क्या अपने ‘भाग्य’ नहीं पढ़ पाए.
इन दिनों उत्तम स्वामी महाराज उर्फ महामंडलेश्वर ईश्वरानंद महाराज की चर्चा पूरे देश में हो रही है। ध्यान योगी से लेकर महामंडलेश्वर बनने तक का लंबा सफर महाराज ने तय किया है। इंदौर में भी महाराज की अच्छी पकड़ रही है।
बताया जाता है कि इंदौर के कई बड़े लोगों और नेताओं को महाराज ने चुटकियों में मुसीबत से निकाला है। चाहे काम कितना भी बड़ा हो महाराज अपनी लाइजनिंग क्षमता से उसका समाधान तुरंत कर देते थे। यहां के नेताओं, बिल्डरों और बिजनेसमैन ने इंदौर में उनका भव्य सम्मान भी किया था। उनके दरबार में नव धनाढ्यों का आना-जाना लगा रहता था।
महाराज की खासियत यह रही कि वे अपने भक्तों को कभी मुसीबत में नहीं देख सकते थे। भक्त पर मुसीबत पड़ी कि महाराज उसके घर पहुंच जाते थे। तंत्र-मंत्र से लेकर जिस तरीके से भी बन पड़ता था, महाराज उसका समाधान निकालते थे। कई राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और राज्यपाल तक महाराज के दरबार में हाजिरी भरते रहे हैं।
अब जबकि एक युवती ने पुलिस को मेल भेजकर महाराज पर रेप का आरोप लगाया है, तब से उनके अनुयायियों में दहशत है। हालांकि महाराज ने कहा है कि यह सनातन के बदनाम करने की साजिश है, फिर भी भक्त नहीं मान रहे और अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से उनके फोटो हटा रहे हैं।
इंटरनेट पर महाराज की जो प्रोफाइल उपलब्ध है, उसके अनुसार बचपन में उत्तम स्वामी की स्मरण शक्ति अच्छी थी। उनके मुंह से वाणी निकलती थी वह पूर्ण हो जाती थी। जिन्हें सट्टा खेलने का व्यसन था, वे उनसे सट्टे का नम्बर पूछते थे। वे जो नम्बर बताते, वही आता था।
अब सवाल यह है कि इतने ज्ञानी, इतने ध्यान-योग, तंत्र-मंत्र के ज्ञाता को क्या अपने ऊपर आ रही मुसीबत का भान नहीं हुआ या फिर यह कॉन्फिडेंस था कि दूसरों पर आई मुसीबतों की तरह इसका भी समाधान कर लेंगे।
चलो, महाराज यह मान भी लिया कि यह सनातन को बदनाम करने की साजिश है, लेकिन कहीं तो आग लगी होगी, तभी तो धुआं उठा होगा। नहीं तो इतनी हिम्मत किसकी है जो महामंडलेश्वर ईश्वरानंद महाराज पर ऊंगली उठा दे।
यह सनातन की बिडंबना ही है कि लोग आसारामों के झांसे में आ जाते हैं…फिर भी हमें आप पर भरोसा है और उम्मीद करते हैं कि आप पर लगे सारे आरोप निराधार निकलें…इसके बावजूद बाबा आरोपों पर शक करना तो बनता ही ही न…आखिर हम इंसान हैं-आपके जैसे ईश्वरानंद महाराज नहीं…