महाशिवरात्रि में महाकाल मंदिर की व्यवस्था के लिए रात भर जगे अधिकारी, शाम तक चार लाख से ज्यादा की भीड़ के बाद भी आधे घंटे में हुए दर्शन.
इंदौर। शिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में पूरे देश से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस बार प्रशासन ने हर आम श्रद्धालु को आधे घंटे में दर्शन कराने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए सभी अधिकारी रात भर जगे रहे। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे और वरिष्ठ अधिकारी लगातार इसकी मॉनिटरिंग करते रहे।
मंदिर के पट रात 2:30 बजे विधिवत खोले गए। भस्मारती के बाद आम श्रद्धालुओं का आना शुरू हुआ। रविवार का दिन होने से भीड़ में लगातार इजाफा होता रहा जो देर रात तक और बढ़ गया। दोपहर 2 बजे तक 2.50 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे और शाम तक यह संख्या चार लाख के पार पहुंच गया। प्रशासन ने व्यवस्था इस तरह से जमाई थी कि एक श्रद्धालु को बाबा के दरबार तक पहुंचने में 30 से 40 मिनट लगे।
वरिष्ठ अधिकारी लेते रहे व्यवस्थाओं का जायजा
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारी रात भर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, उज्जैन निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा, उपायुक्त संतोष टैगोर ने बारीकी से हर व्यवस्था का निरीक्षण किया। इसके साथ ही वे लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। कई अधिकारी तो महाकाल परिसर में ही रात भर रुके रहे।
हर व्यवस्था पर रखी पैनी नजर
अधिकारियों ने हर व्यवस्था पर पैनी नजर रखी। दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, पार्किंग, जूता स्टैंड, पेयजल व्यवस्था ,लड्डू प्रसाद, प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग लगातार चलती रही। मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा, बैरिकेडिंग, पेयजल, टेंट एवं मैटिंग, चिकित्सा हेल्पडेस्क एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
आठ लेयर की जिगजैग व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए कर्कराज पार्किंग में वाहन व्यवस्था की गई, जहां से उन्हें चारधाम तक 1.5 से 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। चारधाम क्षेत्र में आठ लेयर का जिगजैग मार्ग बनाया गया। श्रद्धालु औसतन 30 मिनट की समयावधि में चार धाम पार्किंग एवं हरसिद्धि पाल मार्ग से प्रवेश करते हुए दर्शन करते रहे।