नीट-यूजी परीक्षा के मामले में एनटीए की अपील-75 छात्रों की फिर से परीक्षा कराना व्यावहारिक नहीं, अब 10 जुलाई को फिर होगी सुनवाई.
इंदौर। नीट-यूजी परीक्षा में बिजली गुल होने के कारण 75 छात्राओं की फिर से परीक्षा कराने के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में फिर सुनवाई हुई। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने अपील की थी। एनटीए का पक्ष सुनने के बाद अब सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई तय की गई है।
आज की सुनवाई में भारत सरकार की ओर से जनरल सॉलिसिटर तुषार मेहता वर्चुअली उपस्थित हुए। उन्होंने तर्क दिया की नीट-यूजी परीक्षा में इस बार 22 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे। 14 जून को रिजल्ट भी घोषित हो चुका है। मामले में पहले भी एनटीए की ओर से सीसीटीवी फुटेज सहित संबंधित सेंटरों की रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि 75 स्टूडेंट्स की फिर से परीक्षा करवाना व्यावहारिक नहीं है।
याचिकाकर्ता स्टूडेंट्स की ओर से एडवोकेट मृदुल भटनागर ने वे सारे तर्क रखे गए जिसमें बहस हो चुकी है। सोमवार को रिक्जाम का आदेश जारी किया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि अभी 25 से ज्यादा वे याचिकाकर्ता स्टूडेंट्स हैं जिन्हें रिएक्जाम का लाभ नहीं मिल रहा है। दरअसल इन स्टूडेंट्स ने 3 जून के बाद याचिका लगाई थी। इन पर विचार किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने बची याचिकाओं सहित इस मुद्दे पर अब सुनवाई की अगली तारीख 10 जुलाई तय की है।
उल्लेखनीय है कि 4 मई को नीट-यूजी परीक्षा के दौरान आंधी-पानी के कारण इंदौर और उज्जैन के कई सेंटरों की बिजली गुल हो गई थी। छात्रों ने अदालत से कहा था कि बिजली गुल होने से परीक्षा पर असर पड़ा है। इसके बाद हाई कोर्ट ने प्रभावित छात्रों की परीक्षा फिर से करवाने के आदेश दिए थे। यह परीक्षा केवल उन 75 स्टूडेंट के लिए आयोजित की जानी है, जिन्होंने 3 जून के पहले याचिका दायर की थी।