सीएम यादव और संघ की पसंद हेमंत खंडेलवाल ही होंगे प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष, सत्ता के साथ संगठन का और बेहतर होगा संतुलन.
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा ने अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है। बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल ही होंगे नए अध्यक्ष। भाजपा की ओर से किसी और नेता ने अध्यक्ष पद की दावेदारी नहीं की है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान प्रदेश संगठन मंत्री हितानंद शर्मा ने सीएम डॉ. मोहन यादव को इशारा किया और सीएम, खंडेलवाल को मंच पर ले गए।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान खंडेलवाल पहली पंक्ति में मंत्री वीरेंद्र खटीक और गोपाल भार्गव के बीच में बैठे थे। सीएम मोहन यादव इशारा मिलते ही उनको पीठ पर हाथ रखकर मंच की ओर बढ़े। धर्मेंद्र प्रधान, विवेक शेजवलकर और सरोज पांडे के सामने उन्होंने नामांकन दाखिल कराया। भाजपा कार्यालय के सभागार में चुनाव अधिकारी और चुनाव प्रभारी के साथ ही पर्यवेक्षक सरोज पाण्डे, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।
किसी और ने नहीं की दावेदारी
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ हेमंत खंडेलवाल ने ही नामांकन किया है, उनके अलावा किसी अन्य सदस्य ने दावेदारी पेश नहीं की है। ऐसे में हेमंत खंडेलवाल का निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बुधवार को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। नामांकन के दौरान सीएम डॉ मोहन यादव, वीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री प्रह्लाद पटेल, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और मंत्री राकेश सिंह समेत कई नेता प्रस्तावक के रूप में उनके साथ मौजूद रहे।
पिता रह चुके हैं सांसद
खंडेलवाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं। उनका जन्म 3 सितंबर 1964 को मथुरा में हुआ था। खंडेलवाल को राजनीति और समाजसेवा के संस्कार अपने पिता स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल से विरासत में मिले हैं। विजय कुमार खंडेलवाल भाजपा से सांसद रह चुके हैं। पिता के निधन के बाद हेमंत खंडेलवाल ने उनकी राजनीतिक और समाजिक विरासत संभाली।
पिता के निधन के बाद हुए सक्रिय
बताया जाता है कि हेमंत खंडेलवाल के सक्रिय राजनीतिक सफर की शुरुआत 2008 में हुई थी। दरअसल, पिता विजय कुमार खंडेलवाल के निधन से बैतूल लोकसभा सीट खाली हो गई। इस दौरान हुए उपचुनाव में भाजपा ने हेमंत खंडेलवाल को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा और वे जीत गए। इसके बाद वे 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हेमंत वागद्रे को हराकर विधायक बने और 2018 तक बैतूल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 2018 के विस चुनाव में भाजपा ने उन्हें फिर से प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वे कांग्रेस के निलय डागा से चुनाव हार गए। पांच साल बाद 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर खंडेलवाल पर भरोसा जताया। इस दौरान उन्होंने निलय डागा को हराकर अपनी पारिवारिक सीट पर फिर से कब्जा कर लिया।
सीएम यादव और संघ ने लगा दी थी मुहर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए कल तक जिन नामों की चर्चा थी, उनमें हेमंत खंडेलवाल ही सबसे आगे थे। सीएम मोहन यादव और संघ की सहमति के बाद लगभग यह तय हो गया था कि खंडेलवाल के सामने कोई खड़ा नहीं होगा। अब चर्चा है कि खंडेलवाल की नियुक्ति के बाद सीएम मोहन यादव की ताकत और बढ़ेगी। अब सत्ता के साथ संगठन में भी उनकी पकड़ मजबूत होगी, जिससे कामकाज और आसान होगा।