चारधाम यात्रा 2025: पर्यटक वाहनों के लिए ग्रीन-कार्ड अनिवार्य, सुरक्षा और नियंत्रण पर सरकार का बड़ा फैसला
गंगोत्री–यमुनोत्री यात्रा के साथ 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के दौरान अब गढ़वाल मंडल में आने वाले पर्यटक वाहनों के लिए भी ग्रीन-कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह व्यवस्था केवल श्रद्धालुओं के व्यावसायिक वाहनों तक सीमित थी, लेकिन अब नियमों का दायरा बढ़ा दिया गया है।
क्या है नया नियम?
- 13 या उससे अधिक सीट क्षमता वाले सभी पर्यटक वाहनों पर ग्रीन-कार्ड अनिवार्य
- पहले केवल कमर्शियल/श्रद्धालु वाहनों पर लागू नियम अब पर्यटन वाहनों तक विस्तारित
- परिवहन विभाग से ग्रीन-कार्ड बनवाना जरूरी
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का उद्देश्य:
- दुर्घटनाओं पर नियंत्रण
- वाहन और चालक की सही जानकारी जुटाना
- भीड़भाड़ और पर्वतीय मार्गों पर यातायात प्रबंधन बेहतर करना
- आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना
इन पर्यटन स्थलों पर पहले से लागू है नियम
पिछले वर्ष से ट्रेकिंग, कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज़्म को देखते हुए कई प्रमुख स्थलों के लिए ग्रीन-कार्ड व्यवस्था लागू की जा चुकी है, जिनमें शामिल हैं:
- काणाताल
- केदारकांठा
- चोपता
- देवरिया ताल
- पंवालीकांठा
- हर्षिल
- सतोपंत
- फूलों की घाटी
पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों के लिए क्या जरूरी?
- यात्रा से पहले ग्रीन-कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें
- वाहन की फिटनेस, बीमा और चालक की जानकारी अपडेट रखें
- नियमों का पालन न करने पर जुर्माना या प्रवेश प्रतिबंध संभव
इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा और गढ़वाल क्षेत्र में पर्यटन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार बनने की उम्मीद है।
चारधाम यात्रा 2025: पर्यटक वाहनों के लिए ग्रीन-कार्ड अनिवार्य, सुरक्षा और नियंत्रण पर सरकार का बड़ा फैसला
गंगोत्री–यमुनोत्री यात्रा के साथ 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के दौरान अब गढ़वाल मंडल में आने वाले पर्यटक वाहनों के लिए भी ग्रीन-कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले यह व्यवस्था केवल श्रद्धालुओं के व्यावसायिक वाहनों तक सीमित थी, लेकिन अब नियमों का दायरा बढ़ा दिया गया है।
क्या है नया नियम?
13 या उससे अधिक सीट क्षमता वाले सभी पर्यटक वाहनों पर ग्रीन-कार्ड अनिवार्य
पहले केवल कमर्शियल/श्रद्धालु वाहनों पर लागू नियम अब पर्यटन वाहनों तक विस्तारित
परिवहन विभाग से ग्रीन-कार्ड बनवाना जरूरी
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का उद्देश्य:
दुर्घटनाओं पर नियंत्रण
वाहन और चालक की सही जानकारी जुटाना
भीड़भाड़ और पर्वतीय मार्गों पर यातायात प्रबंधन बेहतर करना
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना
इन पर्यटन स्थलों पर पहले से लागू है नियम
पिछले वर्ष से ट्रेकिंग, कैंपिंग और एडवेंचर टूरिज़्म को देखते हुए कई प्रमुख स्थलों के लिए ग्रीन-कार्ड व्यवस्था लागू की जा चुकी है, जिनमें शामिल हैं:
काणाताल
केदारकांठा
चोपता
देवरिया ताल
पंवालीकांठा
हर्षिल
सतोपंत
फूलों की घाटी
पर्यटकों और टूर ऑपरेटरों के लिए क्या जरूरी?
यात्रा से पहले ग्रीन-कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें
वाहन की फिटनेस, बीमा और चालक की जानकारी अपडेट रखें
नियमों का पालन न करने पर जुर्माना या प्रवेश प्रतिबंध संभव
इस नई व्यवस्था से चारधाम यात्रा और गढ़वाल क्षेत्र में पर्यटन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और जिम्मेदार बनने की उम्मीद है।