बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री का दावा-डीएम आवास में उन्हें बंधक बनाया गया, कहा-यूपी में चल रहा ब्राह्मण विरोधी अभियान.
लखनऊ। बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर यूपी में बवाल मचा दिया है। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित तौर पर हुए अपमान और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में इस्तीफा दिया है। अब वे सामने आए हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें डीएम आवास में बंधक बना कर रखा गया था।
सिटी मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि मेरी जान को खतरा है। मुझे डीएम आवास में गाली दी गई। उन्होंने कहा कि मुझे दो घंटे में आवास खाली करना होगा। अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि लखनऊ से बरेली डीएम अविनाश सिंह के पास कोई फोन आया था, उनसे कहा गया कि 2 घंटे के अंदर आवास खाली कर दो। अग्निहोत्री ने मीडिया में आकर कहा कि डीएम के पास लखनऊ से किसी की कॉल आई थी, वह मेरे लिए गाली बक रहे थे। इस दौरान उनके साथ कई समर्थक भी नजर आए।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज माघ मेले में शंकारचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना और यूजीसी के नए नियम पर जारी बवाल के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद यह मामला और तेजी से उठा है.
अखंड भारत गौरव ट्रस्ट के संस्थापक अनिल मुनि भी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा देने की खबर पाकर सिटी मजिस्ट्रेट के बंगले पर पहुंचे थे। इन्होंने सरकार की नीतियों के विरुद्ध इतनी अधिक नाराजगी जाहिर की कि मीडिया के कैमरों के सामने ही अपने कपड़े उतार दिए। अर्धनग्न अवस्था में अनिल मुनि ने कहा कि आज स्वर्ण समाज के कपड़े उतर गए हैं। यूजीसी बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में कोई कानून पास होता है तो हंगामा मच जाता है, लेकिन इस बिल पर किसी ने कुछ नहीं बोला।
डीएम ने आरोपों को बताया भ्रामक
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को बंधक बनाने की बात पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। पीसीएस अधिकारियों की मौजूदगी में ही चाय पीते हुए सामान्य तरीके से उनसे बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया गया कि अचानक उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय क्यों लिया। शेष, अन्य कोई बात नहीं थी।
यूपी में चल रहा ब्राह्मण विरोध अभियान
अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है, ब्राह्मण की जेल में डिप्टी जेलर ने पीट-पीट कर हत्या कर दी गई.।एक थाने में विकलांग की पीट पीट पर हत्या कर दी गई। मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों को खासकर बूढ़े सन्यासियों को लात घूंसो से मारा गया। उन्होंने कहा कि यूजीसी का जो रेगुलेशन आया है, उसमे सामान्य वर्ग के विद्यार्थी को अपराधी मान लिया गया है। अगर सामान्य वर्ग का बेटा पढाई में अच्छा है तो ईर्ष्या से कोई भी भेदभाव करने का आरोप लगा देगा और समता समिति उसका शोषण कर लेगी।