बगावत पर उतरे बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, यूजीसी और शंकाराचार्य के अपमान से नाराज होकर दिया इस्तीफा.
लखनऊ। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि यूजीसी बिल और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान के विरोध में उन्होंने इस्तीफा दिया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना को लेकर अपना विरोध जताने को हर किसी को हैरत में डालने वाला तरीका अपनाया है। उन्होंने राज्यपाल और निर्वाचन आयोग को भेजे गए सात पन्ने के अपने इस्तीफा में सबसे नीचे स्पष्ट लिखा है कि अब केंद्र एवं राज्य सरकार में न ही जनतंत्र है और न हो गणतंत्र है, बस भ्रमतंत्र है। देश में अब देशी सरकार नही विदेशी जनता पार्टी की सरकार है। उन्होंने यूजीसी बिल पर भी विरोध जताया है।
अलंकार अग्निहोत्री के नाम से वायरल हो रहे इस लेटर को राज्यपाल, मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त को भेजा गया है। इसमें प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से स्थानीय प्रशासन द्वारा मारपीट करने और भारत सरकार द्वारा जारी यूजीसी रेगुलेशन्स 2026 का जिक्र कर उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सिविल सेवा से त्यागपत्र देने के बात कही गई है। पत्र में लिखा है कि मैं अलंकार अग्निहोत्री वर्तमान में उत्तर प्रदेश प्रान्तीय सेवा में 2019 बैच का राजपत्रित अधिकारी हूं और वर्तमान में सिटी मजिस्ट्रेट, बरेली के रूप में जनपद बरेली में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। यह भी आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय हिन्दू विश्वविद्यालय के अन्तर्गत IIT BHU से B.Tech की उपाधि अर्जित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके लिए मैं भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय का जीवन भर आभारी रहूंगा और उनके स्वप्न के आधार पर जिस प्रकार से उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की, उसी प्रेरणा लेकर काशी एवं वीरभूमि हनुमान जी के ध्यान में रखकर आगे अपने भाव व्यक्त कर रहा हूं।
उन्होंने सीधे राज्यपाल को संबोधित करते हुए कहा है कि प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान ज्योतिष पीठ ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द एवं उनके शिष्य, बटुक, ब्राह्मणों से स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की। वृद्ध आचार्यों को मारते हुए बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर एवं उसकी शिखा को पकड़कर घसीटकर पीटा गया और उसकी मर्यादा का हनन किया गया, चूंकि चोटी/शिखा ब्राह्मण, साधु संतों का धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीक है और मैं (अलंकार अग्निहोत्री) स्वयं ब्राह्मण वर्ण से हूं। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देकर पूरे प्रदेश के प्रशासनिक वर्ग में खलबली मचा दी है। यह भी इस्तीफा इन्होंने 26 जनवरी जैसे मौके पर दिया है, जहां पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का मोबाइल नंबर भी बंद बताया जा रहा है, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।