जिमनास्ट दीपा करमाकर ने लिया संन्यास.
जिमनास्ट दीपा करमाकर ने लिया संन्यास
महिला जिमनास्ट दीपा करमाकर ने संन्यास की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सोचने के बाद ये निर्णय लिया है.दीपा करमाकर ने कहा, मैं भले ही रिटायर हो रही हूं लेकिन जिम्नास्टिक से मेरा कनेक्शन कभी नहीं टूटेगा. मैं चाहती हूँ कि इस खेल को कुछ वापसी दे सकूं.

दीपा करमाकर ने कहा, मेरी आखिरी जीत एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप ताशकंद, एक टर्निंग पॉइंट था क्योंकि तब मुझे लगा कि मैं अपनी बॉडी को और पुश कर सकती हूँ, लेकिन कभी-कभी हमारी बॉडी हमें बताती है कि अब आराम का समय आ गया है, लेकिन दिल अभी भी नहीं मानता.
उन्होंने समर्थन के लिए त्रिपुरा सरकार, जिम्नास्टिक फेडरेशन और भारतीय खेल प्राधिकरण का धन्यवाद किया.गौरतलब है कि दीपा करमाकर रियो 2016 के ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला जिमनास्ट बनीं थीं.
जिमनास्ट दीपा करमाकर ने लिया संन्यास
महिला जिमनास्ट दीपा करमाकर ने संन्यास की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सोचने के बाद ये निर्णय लिया है.दीपा करमाकर ने कहा, मैं भले ही रिटायर हो रही हूं लेकिन जिम्नास्टिक से मेरा कनेक्शन कभी नहीं टूटेगा. मैं चाहती हूँ कि इस खेल को कुछ वापसी दे सकूं.
दीपा करमाकर ने कहा, मेरी आखिरी जीत एशियन जिम्नास्टिक चैंपियनशिप ताशकंद, एक टर्निंग पॉइंट था क्योंकि तब मुझे लगा कि मैं अपनी बॉडी को और पुश कर सकती हूँ, लेकिन कभी-कभी हमारी बॉडी हमें बताती है कि अब आराम का समय आ गया है, लेकिन दिल अभी भी नहीं मानता.
उन्होंने समर्थन के लिए त्रिपुरा सरकार, जिम्नास्टिक फेडरेशन और भारतीय खेल प्राधिकरण का धन्यवाद किया.गौरतलब है कि दीपा करमाकर रियो 2016 के ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला जिमनास्ट बनीं थीं.