ट्रंप प्रशासन का नया आदेश: अमेरिका में सभी अप्रवासियों को 24 घंटे रखना होगा पहचान पत्र साथ.
ट्रंप प्रशासन का नया आदेश: अमेरिका में सभी अप्रवासियों को 24 घंटे रखना होगा पहचान पत्र साथ
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए कार्यकारी आदेश 'अतिक्रमण से अमेरिकी लोगों की सुरक्षा' के तहत अब सभी अप्रवासियों को अपने कानूनी दस्तावेज और पहचान पत्र 24 घंटे अपने साथ रखने होंगे। यह आदेश 11 अप्रैल से प्रभावी हो चुका है।

अवैध अप्रवासियों पर बढ़ेगी सख्ती
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में रह रहे अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और देश से बाहर निकालना है। इसके तहत अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय से रह रहे सभी अप्रवासियों को संघीय सरकार के समक्ष पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
एलियन रजिस्ट्रेशन कानून को मिलेगी सख्ती से मान्यता
हालांकि अमेरिका में 'एलियन रजिस्ट्रेशन रिक्वायरमेंट' नामक कानून 1940 से अस्तित्व में है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। ट्रंप के इस नए आदेश के बाद अब इस कानून को कड़ाई से लागू किया जाएगा। व्हाइट हाउस की सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, “जो अप्रवासी पंजीकरण नहीं कराते हैं, उन्हें गिरफ्तार कर जुर्माना लगाया जाएगा और निर्वासित किया जा सकता है।”
14 वर्ष से अधिक उम्र के सभी अप्रवासियों को अनिवार्य पंजीकरण
नए नियमों के अनुसार, 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी अप्रवासियों को खुद पंजीकरण कराना होगा, जबकि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण उनके माता-पिता को कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि कोई अप्रवासी अपना निवास स्थान बदलता है तो उसे 10 दिनों के भीतर यह जानकारी सरकार को देनी होगी।
30 दिनों की समय-सीमा और कड़े दंड
11 अप्रैल के बाद अमेरिका में आने वाले सभी अप्रवासियों को 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा। इस समय-सीमा के उल्लंघन पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि जेल की सजा का भी प्रावधान है।
कानूनी अप्रवासी भी दायरे में
नए नियमों का असर सिर्फ अवैध अप्रवासियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन कार्ड धारक, एच-1बी वीजाधारी और अन्य वैध अप्रवासियों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
भारतीय समुदाय पर असर
अमेरिका में लगभग 54 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें से अनुमानित दो लाख से अधिक लोग अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के इस आदेश के बाद अब इन लोगों पर निर्वासन का खतरा और बढ़ गया है।
ट्रंप प्रशासन का नया आदेश: अमेरिका में सभी अप्रवासियों को 24 घंटे रखना होगा पहचान पत्र साथ
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। नए कार्यकारी आदेश 'अतिक्रमण से अमेरिकी लोगों की सुरक्षा' के तहत अब सभी अप्रवासियों को अपने कानूनी दस्तावेज और पहचान पत्र 24 घंटे अपने साथ रखने होंगे। यह आदेश 11 अप्रैल से प्रभावी हो चुका है।
अवैध अप्रवासियों पर बढ़ेगी सख्ती
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में रह रहे अवैध अप्रवासियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और देश से बाहर निकालना है। इसके तहत अमेरिका में 30 दिनों से अधिक समय से रह रहे सभी अप्रवासियों को संघीय सरकार के समक्ष पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
एलियन रजिस्ट्रेशन कानून को मिलेगी सख्ती से मान्यता
हालांकि अमेरिका में 'एलियन रजिस्ट्रेशन रिक्वायरमेंट' नामक कानून 1940 से अस्तित्व में है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। ट्रंप के इस नए आदेश के बाद अब इस कानून को कड़ाई से लागू किया जाएगा। व्हाइट हाउस की सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, “जो अप्रवासी पंजीकरण नहीं कराते हैं, उन्हें गिरफ्तार कर जुर्माना लगाया जाएगा और निर्वासित किया जा सकता है।”
14 वर्ष से अधिक उम्र के सभी अप्रवासियों को अनिवार्य पंजीकरण
नए नियमों के अनुसार, 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी अप्रवासियों को खुद पंजीकरण कराना होगा, जबकि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पंजीकरण उनके माता-पिता को कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, यदि कोई अप्रवासी अपना निवास स्थान बदलता है तो उसे 10 दिनों के भीतर यह जानकारी सरकार को देनी होगी।
30 दिनों की समय-सीमा और कड़े दंड
11 अप्रैल के बाद अमेरिका में आने वाले सभी अप्रवासियों को 30 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा। इस समय-सीमा के उल्लंघन पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि जेल की सजा का भी प्रावधान है।
कानूनी अप्रवासी भी दायरे में
नए नियमों का असर सिर्फ अवैध अप्रवासियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रीन कार्ड धारक, एच-1बी वीजाधारी और अन्य वैध अप्रवासियों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
भारतीय समुदाय पर असर
अमेरिका में लगभग 54 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें से अनुमानित दो लाख से अधिक लोग अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के इस आदेश के बाद अब इन लोगों पर निर्वासन का खतरा और बढ़ गया है।